जलालपुर तहसील अंतर्गत करमिसिरपुर गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि कोटेदार की मनमानी के चलते उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस) की योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। तमाम अपात्रों का नाम सूची में डाल दिया गया है, जबकि पात्र इससे वंचित रह गए हैं।
इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। नतीजा यह है कि कोटेदार की मनमानी लगातार जारी है। शुक्रवार को ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यहां प्रदर्शन को संबोधित करते हुए गांव के हरिश्चंद्र व योगेंद्र ने कहा कि कोटेदार की मनमानी के चलते बड़ी संख्या में पात्रों के नाम बीपीएल व अन्त्योदय की सूची से बाहर हो गए, जबकि तमाम अपात्रों के नाम डाल दिए गए हैं। इतना ही नहीं, कोटेदार द्वारा घटतौली भी जाती है। जब इसका विरोध किया जाता है, तो उसके द्वारा अभद्रता की जाती है।
नतीजा यह है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ पाने के लिए पात्र भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका। नतीजा यह है कि कोटेदार की मनमानी लगातार जारी है।
ग्रामीणों का कहना था कि जलालपुर तहसील के अधिकारियों से कई बार कोटेदार की शिकायत की गई, लेकिन न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही मनमानी पर अंकुश लगाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि मनमानी का संज्ञान लिया गया होता, तो उन्हें राशन संकट का सामना न करना पड़ता।
इस दौरान शिवलाल, कुसुम, कावेरी देवी, झिनका, नोखा, लल्ली, बृजेंद्र, कन्हैयालाल आदि मौजूद रहे।