प्रेरक संघ अध्यक्ष रामजीत ने कहा कि पूर्व में प्रेरक पद पर जिन अभ्यर्थियों की तैनाती कर दी गई थी, बाद में नया शासनादेश का हवाला देते हुए उनकी तैनाती को निरस्त कर दिया गया। इससे प्रेरक अभ्यर्थी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व में हुई चयन बहाली को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन किया गया।
संबंधित अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। नतीजा ये है कि प्रेरक अभ्यर्थी इधर-उधर भटक रहे हैं। बीएसए कार्यालय पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य जनपदों में तो पुराने शासनादेश के मुताबिक ही प्रेरकों की तैनाती की गई है।
सिर्फ अंबेडकरनगर में ही नए शासनादेश का हवाला दिया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान सुमन, अंजली, लीलावती, कुशलावती, रंजना, रागिनी, हेमलता, राजकुमारी, सूर्यभान आदि मौजूद रहे।