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अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन

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अंबेडकरनगर के मालीपुर अतरौरा में ज्ञापन सौंपते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी पांच तहसील मुख्यालयों पर संयुक्त किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक प्रदर्शन किया। इसमें केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा गया कि इससे युवाओं का भविष्य अंधकारमय होगा, तो बेरोजगारी बढ़ेगी। चार वर्ष की नौकरी के बाद युवाओं के सामने सिर्फ अंधेरा ही होगा। ऐसे में युवाओं के हित को देखते हुए इस योजना को अविलंब वापस लिया जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इसे लेकर केंद्र सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
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अकबरपुर में जिलाध्यक्ष बृजेश यादव के नेतृत्व में आशाराम, अरविंद, रामसेवक, जयप्रकाश, अरुण, आलोक ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की अग्रिपथ योजना पूरी तरह से युवा विरोधी है। इतना ही नहीं, देशहित में भी यह योजना सही नहीं है। इससे एक तो युवाओं का भविष्य अंधकारमय होगा, तो वहीं देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। ऐसे में युवाओं व देश हित में इसे अविलंब वापस लिया जाए।
टांडा में तहसील अध्यक्ष मनोज वर्मा के नेतृत्व में भागीरथी, बृजलाल, रामसूरत, आलापुर में संजय यादव, जलालपुर में कृष्णकुमार, भीटी में ररामसूरत व मालीपुर में बृजेश के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कहा गया कि केंद्र सरकार की एक भी योजना जनहित में नहीं है। जो भी योजना आती है, वह देश के लिए नुकसानदेह होती है। ऐसे में इस योजना को तत्काल वापस लिया जाए।
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उधर, टांडा में अग्निपथ योजना का विरोध करने की आशंका में किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत के आह्वान पर शुक्रवार को किसानों की ओर से रेल रोको आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी, लेकिन प्रशासन ने उसके पहले ही किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर उनकी योजना को विफल कर दिया।
किसान नेताओं ने अग्निपथ योजना के विरोध में प्रशासन को ज्ञापन दिया है। प्रशासन की ओर से किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ब्रजेश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष विनय वर्मा, मुनिराम वर्मा, सुभाष यादव, लक्षीराम वर्मा, दयानंद मौर्या, मोहनलाल मौर्य, ब्रजेश माझी, केशवराम, रश्मि श्रीवास्तव सहित 25 से अधिक नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद किया गया था।
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