डीएम ने कार्यशाला में अधिकारियों को दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को डीएम अविनाश कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन हुआ। डीएम ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने में किसी तरह की सुस्ती न बरतें। रिक्त पड़े तालाबों का पट्टा करने, विभाग की योजनाओं का लाभ मत्स्य पालकों को दिलाने में और तत्परता लाने का निर्देश दिया।
सहायक निदेशक मत्स्य पूजा गौतम ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष, किसान क्रेडिट कार्ड तथा मत्स्य पालन से संबंधित अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बताया कि तालाबों में निवेश एवं मत्स्य बीज बैंक की स्थापना के लिए राज्य सरकार से दो परियोजनाएं संचालित हैं। सभी वर्ग के लिए इकाई की लागत का 40 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है।
पीएमएमएसवाई योजनान्तर्गत रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम की स्थापना के अन्तर्गत 25 गुणे 25 फिट के 08 टैंक शेड सहित बायोफिल्टर, बोरिंग, जनरेटर, ब्लोवर, स्टोर व लैब आदि का निर्माण कराना होता है। सिस्टम की स्थापना के बाद समय-समय पर मत्स्य विभाग मत्स्य पालकों को तकनीकी मार्गदर्शन भी देता है। मत्स्य निदेशक ने बताया कि जिले में अब तक 7 इकाई स्थापित हो चुकी है। इससे बेहतर मत्स्य उत्पादन हो रहा है। इण्डियन मेजर कार्प रोहू, भाकुर व नैन का भी उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस मौके पर सीडीओ अनुराज जैन, उपकृषि निदेशक बृजेश कुमार, पीडी राकेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।