एमडीएम योजना में अनियमितता रोकने के लिए जिले के एक हजार 873 परिषदीय विद्यालयों के एक लाख 11 हजार 979 छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 20 मई तक यह कार्य पूरा करने के लिए कुल चार एजेंसियों को नामित किया गया है।
केंद्र सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाने का निर्णय लिया है। ऐसा एमडीएम समेत अन्य योजनाओं में बरती जाने वाली गड़बड़ी रोकने के लिए किया जा रहा है। दरअसल अक्सर परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक दिखाकर एमडीएम योजना के तहत विद्यालय प्रशासन द्वारा भोजन बनाना दिखाकर घोटाला किया जाता है।
इसकी शिकायत भी जब-तब सामने आती रहती है। इन सभी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए ही केंद्र सरकार ने अब परिषदीय विद्यालयों के सभी छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि जिले में कुल एक हजार 873 परिषदीय विद्यालय हैं जिनमें दो लाख चार हजार 851 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
इनमें 1353 प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख 32 हजार 410 व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 72 हजार 441 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि शासन ने पंजीकृत छात्र-छात्राओं के सापेक्ष एक लाख 11 हजार 979 छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाने का लक्ष्य जिले को दिया है।
इसमें कोई दिक्कत न हो, इसके लिए चार एजेंसियों को शासन स्तर से नामित किया गया है। इनमें ट्वीन स्टार लिमिटेड कुरला ईस्ट मुंबई, निर्मला सिंह सेवा संस्थान लखनऊ, युवान इंफोटेक लखनऊ व अपेक्स सर्विस लखनऊ शामिल हैं।
इन एजेंसियों को 20 मई तक विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाने का कार्य पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया गया है। बीएसए जेएन सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाने का कार्य शीघ्र ही नामित एजेंसियों द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। एक-दो दिन में नामित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ ब्लॉकवार बैठक की तैयारी की जाएगी।