फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में गहराया पेयजल संकट, परेशान हो रहे मरीज

विज्ञापन
फोटो-17, अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में वार्ड नंबर दो में पेयजल की किल्लत से बाहर से पानी लाने को मजबू? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। सस्ते व बेहतर इलाज की उम्मीद में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों व तीमारदारों को तमाम असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न प्रकार की जांच यहां पूर्व में प्रभावित थी, वहीं अब मरीजों व तीमारदारों के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। चार सामान्य वार्ड में खराब पड़े आरओ के स्थान पर नया आरओ लगाए जाने की सुध नहीं है। दो वॉटर कूलर के सापेक्ष एक वॉटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है। जो एक वॉटर कूलर कार्य कर भी रहा है, उसके इर्दगिर्द गंदगी की भरमार है। परिसर में मात्र एक हैंडपंप ही कार्य कर रहा है। नतीजा यह है कि मरीजों व उनके तीमारदारों को बाहर से बोतल में पानी भरकर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों को समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पा रही है। प्लेट न होने के चलते डिजिटल एक्स रे का कार्य अब तक नहीं शुरू हो सका है। मजबूरन मरीजों को सामान्य एक्स रे से काम चलाना पड़ रहा है। वोल्टेज हाई, तो कभी कम होने के चलते आए दिन सीटी स्कैन प्रभावित रहता है। इन तमाम मुश्किलों के बीच अब मरीजों व उनके तीमारदारों के समक्ष पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दरअसल अस्पताल के चार सामान्य वार्ड में पूर्व में एक-एक आरओ लगा हुआ था। लगभग छह माह पूर्व एक-एक कर सभी आरओ खराब हो गए। उन्हें दुरुस्त करने के लिए उतारा गया। अब उनके स्थान पर नया आरओ नहीं लगाया जा सका है।
परिसर में दो वॉटर कूलर लगे हुए हैं। लगभग एक वर्ष से एक वॉटर कूलर खराब पड़ा है। जो वॉटर कूलर कार्य कर भी रहा है, उसके इर्दगिर्द गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे तीमारदार इस वॉटर कूलर तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। तीन हैंडपंप लगे हैं, लेकिन दो हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। मात्र एक हैंडपंप ही कार्य कर रहा है। नतीजा यह है कि मरीजों व उनके तीमारदारों को प्यास बुझाने के लिए इधर उधर की दौड़ लगानी पड़ती है। आरओ, वॉटर कूलर व हैंडपंप को दुरुस्त कराए जाने की मांग मरीजों व तीमारदारों द्वारा की जाती है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही।
विज्ञापन

कटेहरी के ऋषिकेश व माउख के बैजनाथ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वार्ड में आरओ न होने से उन्हें बोतल में बाहर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कोडना के अर्जुन, जलालपुर के अविनाश, गोपालपुर के दिलीप ने कहा कि न तो आरओ है और न ही वॉटर कूलर ही सही ढंग से कार्य कर रहे हैं। साफ सफाई पर तो कोई ध्यान नहीं है। कभी-कभी मरीज के पास कोई पुरुष तीमारदार नहीं होता और बोतल में पानी खत्म हो जाता है, ऐसे में मरीज को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।
विज्ञापन

आरओ को दुरुस्त कराने का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही प्रत्येक वार्ड में एक-एक आरओ लगा दिया जाएगा। वॉटर कूलर भी दुरुस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
- डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें