अंबेडकरनगर में लगातार बारिश के बाद टपकने लगी पीडब्लूडी कार्यालय के इस भवन की छत
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अंबेडकरनगर। पीडब्लूडी परिसर स्थित प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना कार्यालय में जान जोखिम में डालकर कर्मचारी कार्य करने को मजबूर हैं। संबंधित कार्यालय के चार कक्ष बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं। दीवारों व छतों का प्लास्टर जगह-जगह उखड़ गया है। छतों में दरारें हो गई हैं। इसके चलते बीते दिनों से हो रही बारिश से छत टपक रही हैं। टपकती छत के बीच कर्मचारी कक्ष के अंदर छाता लगाकर कार्य करने को मजबूर हो रहे हैं। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से एक तरफ जहां कक्ष में पानी भर गया, वहीं पूरे दिन कर्मचारी छाता लगाकर काम करते नजर आए। कर्मचारियों का कहना था कि ऐसे माहौल में कार्य करना बहुत मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के निर्माण व क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी निभाने वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना कार्यालय को खुद ही मरम्मत की दरकार है। पीडब्लूडी परिसर में चार कक्षों में यह कार्यालय संचालित हो रहा है। चारों कक्षों की हालत यह है कि दीवारें व फर्श बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। जगह जगह से प्लास्टर उखड़ा हुआ है। यही हाल छतों का है। जगह जगह न सिर्फ प्लास्टर उखड़े हैं, बल्कि छतों में दरारें उत्पन्न हो गई हैं। ऐसे में अक्सर कार्य करने के दौरान ही छत का प्लास्टर गिर पड़ता है।
इससे असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस बीच बीते तीन दिनों से हो रही बारिश से संबंधित कार्यालय के सभी कक्ष जलाशय में तब्दील हो चुके हैं। आलम यह है कि छत के नीचे बैठे कर्मचारियों को छाता लगाकर कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते छत बुरी तरह टपकने लगी। इससे कक्ष में पानी भर गया। इसके बावजूद कर्मचारियों को छाता लगाकर कार्य करने को मजबूर होना पड़ा। कर्मचारी बमबहादुर, वीरेंद्र, राजेश व लालचंद्र ने कहा कि प्रतिदिन जान जोखिम में कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के चलते छत से पानी टपक रहा है। फाइल व कंप्यूटर बचाने के लिए कक्ष में ही छाता लगाना पड़ रहा है।
क्षतिग्रस्त कक्षों के निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। हरी झंडी मिलने पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
शंकर्षणलाल, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी