विकासखंड भियांव के मुंडेहरा में बदहाल निजी शौचालय।
अंबेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 12 हजार रुपये से निर्माण कराए गए व्यक्तिगत शौचालयों के सुधार पर सरकार पैसा खर्च करेगी। इसके लिए 11 प्रकार के फंड निर्धारित किए गए हैं। जिले के सभी नौ विकासखंडों के पंचायत सहायकों को व्यक्तिगत शौचालयों का सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के विभिन्न ब्लाॅक क्षेत्रों में ऐसे एक लाख शौचालयों को चिह्नित कर लिया गया है। सभी का स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से व्यक्तिगत शौचालयों की दशा में परिवर्तन कराया जाएगा। मरम्मत कराने में अधिकतम पांच हजार रुपये की धनराशि खर्च की जा सकेगी।
विकासखंड अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, रामनगर, जहांगीरगंज, भियांव, कटेहरी समेत नौ ब्लाॅक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब साढ़े तीन लाख घरों में शौचालयों के निर्माण कराए गए हैं। इसमें बहुत से शौचालय उपयोग में न लाए जाने व तकनीकी कारणों से निष्प्रयोज्य हो गए हैं। उनके रेट्रोफिटिंग (पुराने भवन में नया सामान लगाना) का कार्य कराया जाएगा। ऐसे व्यक्तिगत लाभार्थियों के शौचालयों का सर्वे कार्य तेजी से चल रहा है। सुपर स्ट्रक्चर मरम्मत कार्य पर पांच हजार रुपये खर्च हो सकेंगे। बाहरी दीवारों के प्लास्टर पर 1812 रुपये, आंतरिक दीवारों के प्लास्टर पर 1812 रुपये, छत की मरम्मत पर 1800 रुपये, फर्श की मरम्मत पर 550 रुपये, सीट बदलने पर 1650 रुपये, दरवाजा बदलने पर 1500 रुपये, चेंबर निर्माण पर 500 रुपये, गड्ढा निर्माण पर 4850 रुपये, सेप्टिक टैंक न होने की दशा में निर्माण पर 4850 रुपये, टैंक के ढक्कन पर 1700 रुपये और पानी की टंकी पर दो हजार रुपये खर्च कर सकते हैं।
93 प्रतिशत ऑनलाइन सर्वे पूरा
सभी पंचायत सहायकों को लाभार्थियों के व्यक्तिगत शौचालय के सर्वे के लिए लगाया गया है। 93 प्रतिशत शौचालय का ऑनलाइन सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। इसके बाद शौचालयों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। -अवनीश श्रीवास्तव, डीपीआरओ