बीएसए मंगलवार को स्कूलों का जायजा लेने निकले तो प्राथमिक विद्यालय पिपरी चंदौली (द्वितीय) का गेट पौने नौ बजे तक बंद मिला। छात्र-छात्राएं विद्यालय के बाहर खड़े थे। प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापिका नदारद थे। इस पर बीएसए ने दोनों को निलंबित कर दिया। एक अन्य विद्यालय के सहायक अध्यापक बिना सूचना के नदारद मिले तो प्रधानाध्यापिका आवश्यक अभिलेख नहीं प्रस्तुत कर सकीं। दोनों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने को लेकर शासन के निर्देशों का शिक्षकों पर किसी प्रकार प्रभाव नहीं पड़ रहा। समय से विद्यालय नहीं पहुंचने की शिक्षकों की आदत में सुधार नहीं हो रहा है। शासन की योजनाओं का परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को लाभ देने को लेकर अध्यापक भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। कुछ ऐसी ही लापरवाही मंगलवार को बीएसए के निरीक्षण में सामने आई। बीएसए अतुल कुमार सिंह मंगलवार को निरीक्षण के लिए प्राथमिक विद्यालय पिपरी चंदौली द्वितीय पहुंचे।
सुबह 8:40 बजे तक विद्यालय के मुख्य गेट का ताला नहीं खुला था। विद्यालय के बाहर छात्र-छात्राएं गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक राजकुमार व सहायक अध्यापिका नीतू वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।प्राथमिक विद्यालय पिपरी चंदौली (प्रथम) के निरीक्षण में 17 विद्यार्थी बिना ड्रेस मिले। छात्र-छात्राओं ने बताया कि अभी उन्हें ड्रेस नहीं मिली है। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्याक को चेतावनी दी कि दो दिन में ड्रेस उपलब्ध नहीं कराई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरी चंदौली के निरीक्षण में सहायक अध्यापक अरविंद कुमार बिना सूचना के नदारद मिले। प्रधानाध्यापिका लीला देवी उपस्थित थीं, लेकिन उनके कक्ष में ताला लटक रहा था। बीएसए ने उनसे आवश्यक अभिलेख मांगे गए तो बताया कि चाभी नहीं है। वह किसी प्रकार की जानकारी भी नहीं दे सकीं। इस पर दोनों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। बीएसए के मुताबिक बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।