अंबेडकरनगर। जैतपुर निवासी बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 10 लाख रुपये ऐंठने के मामले में पुलिस ने ठग के मोबाइल नंबर को ब्लॉक कराने के साथ ही खाते को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की है। उधर, बैंकों से भी बड़ी रकम स्थानांतरण होने की स्थिति में पर्याप्त जानकारी जुटाए जाने के लिए वार्ता का दौर शुरू किया गया है।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार वर्मा ने बताया कि ज्यादातर मामलों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर होती है। इस डिजिटल अरेस्ट के मामले में पीड़ित ने अकबरपुर स्थित बैंक में जाकर स्वयं आरटीजीएस के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवाई थी। ऐसे में बैंक के अधिकारियों से वार्ता कर बड़ी रकम किसी दूरदराज के खातों में ट्रांसफर होने की स्थिति में पर्याप्त ब्योरा जुटाने के लिए वार्ता की जाएगी।
मामला संदेहास्पद होने की स्थिति में बैंक अगर समय रहते पुलिस को सूचना दे दे तो क्रॉस वेरीफिकेशन भी कराया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस साइबर जालसाजों तक पहुंचने के लिए उनके नंबरों की सीडीआर लोकेशन भी निकलवा रही है।
क्या कहते हैं बैंक अधिकारी
बैंक की ओर से सभी बड़े लेनदेन के समय सावधानी बरतने के निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं। जिन मामलों में खाताधारक स्वयं बैंक नहीं आते हैं तो उनसे फोन कर वेरीफिकेशन किया जाता है। कैशियर व अन्य कर्मचारियों को भी निर्देश हैं कि व्यक्ति के हाव-भाव पर ध्यान रखें और अगर कोई संदेह हो तो इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दें।
- विवेक कुमार, मुख्य प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा अकबरपुर