जिसके चलते वो आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मानदेय भुगतान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मानदेय भुगतान नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
अध्यक्षता कर रहे प्रदेश संगठन मंत्री रफीक अहमद ने कहा कि पीआरडी जवान पूरी ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करते हैं। इसके बाद भी जवानों की उपेक्षा की जाती है। हाल ये है कि तीन वर्ष से मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है, जबकि उनसे कार्य लिया जा रहा है।
मानदेय भुगतान न होने से पीआरडी जवानों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बकाया भुगतान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। भुगतान के लिए पीआरडी जवान संबंधित कार्यालय का लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने कहा कि पीआरडी जवानों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। बकाया भुगतान नहीं होने के साथ ही पीआरडी जवानों को नियमित ड्यूटी भी नहीं दी जा रही है। तमाम मांग के बाद भी उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।