अंबेडकरनगर। शासन ने सड़क हादसों में कमी लाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब गांवों में पंचायतें आयोजित की जाएंगी, जिनमें सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इस पहल के तहत प्रधानों को सड़क सुरक्षा अग्रदूत का दर्जा दिया जाएगा।
वर्ष 2025 में सड़क हादसों के कारण 250 से अधिक लोगों की जान गई, जबकि 260 लोग घायल हुए। यह आंकड़े सड़क हादसों की बढ़ती समस्या को दर्शाते हैं, जो एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों को राहवीर योजना, अनधिकृत पार्किंग, नो हेल्मेट-नो फ्यूल, ओवर स्पीडिंग, हेल्मेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, ट्रैक्टर व अन्य माल वाहनों में सवारियों की सुरक्षा, और कोहरे में धीमी गति से चलने के नियमों की जानकारी दी जाएगी। ग्राम सभाओं में परिवहन विभाग का नोडल अधिकारी पिछले एक वर्ष के सड़क हादसों का ब्योरा प्रस्तुत करेगा, जिससे यातायात नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को समझाया जा सके। प्रधान सड़क सुरक्षा अग्रदूत के रूप में लोगों से संवाद करेंगे और सड़क सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने वाले प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। डीएम अनुपम शुक्ला ने सीडीओ को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। परियोजना निदेशक अनिल सिंह ने बताया कि पंचायत के माध्यम से ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। एआरटीओ सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि हर ब्लॉक में गोष्ठी का आयोजन कर प्रधानों को रोड सेफ्टी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।