अंबेडकरनगर। ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर ग्राम प्रधान ने ही पक्का घर बनवा लिया। सीएम कार्यालय की दखल के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर की जांच में यह खुलासा हुआ। इस पर लेखपाल की तरफ से ग्राम प्रधान व उनके पति के विरुद्ध अकबरपुर कोतवाली में केस दर्ज करा दिया गया। उधर, प्रधान की ओर से अवैध कब्जे के बावजूद चुप्पी साधे रहने को लेकर संबंधित गांव के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
गांव में अवैध कब्जे को लेकर राजस्व कर्मियों की मनमानी का बड़ा खुलासा हुआ है। यह मनमानी भी तब सामने आई, जब सीएम कार्यालय ने स्वयं दखल दी। हुआ यह कि अकबरपुर तहसील के सिसानी अखईपुर गांव में अतिक्रमण को लेकर शिकायत आईजीआरएस पर की गई थी। इसमें कहा गया था कि प्रधान ने ही ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण करा लिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात विशेष कार्याधिकारी एनकेएस चौहान ने एसडीएम अकबरपुर को फोन कर 31 अगस्त को निर्देशित किया कि सिसानी अखईपुर जाकर तालाब, खलिहान एवं नवीन परती भूमि का सत्यापन करें। एसडीएम पवन जायसवाल गांव पहुंचे तो वहां नवीन परती एवं तालाब खाते की भूमि पर अतिक्रमण पाया गया। इसे लेकर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
एसडीएम ने निलंबन आदेश में कहा कि तीन वर्ष से वे इसी क्षेत्र में हैं, ऐसे में ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण में संलिप्तता प्रतीत होती है। निलंबन के साथ ही तहसीलदार अकबरपुर को विस्तृत जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है।
उधर, निलंबन से पहले अधिकारियों की फटकार पर लेखपाल दिनेश की तहरीर पर अकबरपुर कोतवाली में ग्राम प्रधान पुष्पा व उनके पति अशोक कुमार के विरुद्ध केस दर्ज करा दिया गया। इसमें कहा गया कि नवीन परती भूमि पर प्रधान व उनके परिवारीजनों ने अवैध कब्जा कर पक्का घर बना लिया है। पुलिस ने केस दर्ज करने के साथ ही विवेचना शुरू कर दी है।