ई-केवाईसी न कराने वाले 46 हजार बुर्जुगों की पेंशन बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। शासन स्तर से पेंशन योजना का लाभ पाने वाले सभी वृद्ध पेंशनधारियों को अपने खाते का ई-केवाईसी कराने के लिए 15 सितंबर तक की मोहलत दी गयी है। तय मियाद के बाद ई-केवाईसी न कराने वाले बुर्जुगों का नाम पेंशन योजना की पात्रता सूची से हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। ई-केवाईसी कराने में किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए पेंशनधारियों के लिए प्रत्येक सोमवार को ब्लॉक दिवस पर ब्लॉक परिसर में विशेष शिविर भी आयोजित कराए जा रहे हैं।
विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं में अनुचित तरह से लाभ पा रहे अपात्रों को रोकने के उद्देश्य से लाभार्थियों का ई-केवाईसी कराया जा रहा है। इसके तहत ही दिव्यांग व विधवा पेंशन के साथ ही अब वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले बुर्जुगों को भी योजना का लाभ पाने वाले बुर्जुगों का भी ई-केवाईसी हो रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत वर्तमान में जिले में 1.30 लाख बुजुर्ग पेंशन योजना का लाभ पा रहे हैं। प्रतिमाह एक हजार रुपया के हिसाब से हर तीन माह में पेंशन की राशि उनके लिंकअप बैंक खाते में भेजी जाती है। समाज कल्याण विभाग की तरफ से पेंशन योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराने के लिए 15 सितंबर तक की मोहलत दी गई है।
जिले में अभी तक पेंशन योजना का लाभ पाने वाले 1.30 लाख बुर्जुगों में से अब तक 83735 पात्र अपने पेंशन खाते का ई-केवाईसी करा चुके हैं। लगातार जागरूकता के बाद भी अभी तक 46265 बुुर्जुगों ने अपने खाते का ई-केवाईसी नहीं कराया है।
परेशानी से बचाने को सहायता शिविर भी
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी कराने में बुर्जुग पात्रों को परेशानी से बचाने के लिए हर सोमवार को ब्लॉक मुख्यालय पर विशेष सहायता शिविर भी आयोजित कराने का कार्य किया जा रहा है। पेंशन पाने वाला कोई भी पात्र अपने सत्यापन से जुड़े सभी कागजात के साथ ब्लॉक मुख्यालय के समाज कल्याण कार्यालय पहुंचकर गड़बड़ी को दूर करा ई-केवाईसी करा सकता हैं।
15 सितंबर तक की दी गई मोहलत
जिन बुर्जुग लाभार्थियों ने ई-केवाईसी करा लिया है, उनके खाते में तीन माह की पेंशन राशि भेज दी गयी है। ई-केवाईसी न कराने वाले लाभार्थियों को सत्यापन के लिए 15 सितंबर तक की मोहलत दी गयी है। निर्धारित समयावधि में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले बुुर्जुगों का नाम पात्रता सूची से हटाकर उनकी पेंशन बंद कराने की कार्रवाई तय होगी। -राकेश सरन, समाज कल्याण अधिकारी