अंबेडकरनगर। जिले के 922 ग्राम पंचायतों में 25 दिसंबर की आधी रात से सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों का अधिकार समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही सभी पंचायतों में प्रशासक की तैनाती हो जाएगी। प्रधानों के सभी लेनदेन पर रोक लगाने का निर्देश पहले ही जिला मुख्यालय पर पहुंच चुका है। इस बीच ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित न हो और ग्रामीणों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए प्रशासक की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
शुक्रवार की मध्यरात्रि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों के निधि से जुड़े वित्तीय खातों द्वारा किसी भी प्रकार का लेनदेन पर रोक लग जाएगी। बताते चलें कि जिले में पूर्व में 930 ग्राम पंचायतें थीं। इसमें से तीन ग्राम पंचायतें नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के विस्तारीकरण में चली गईं। बाद में जलालपुर नगर पालिका परिषद का विस्तारीकरण हुआ तो पांच ग्राम पंचायतें नगर पालिका परिषद विस्तारीकरण में चली गईं। इन सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार पूर्व में ही ले लिए गए थे। उनका डोगल भी निरस्त करा दिया गया था। ऐसे में मौजूदा समय में 922 ग्राम पंचायतों में डोगल सिस्टम से ग्राम प्रधान कार्य कर रहे थे। इस बीच 25 दिसंबर शुक्रवार की मध्यरात्रि सभी ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में सभी ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार ले लिए जाएंगे। उनके डोगल सिस्टम ऐसे में स्वत: समाप्त हो जाएंगे।
डोगल सिस्टम समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधान किसी भी प्रकार का लेनदेन का कार्य नहीं कर सकेंगे। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने व उनके वित्तीय अधिकार ले लिए जाने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्य किसी भी तरह से प्रभावित न हो और ग्रामीणों को योजनाओं का समुचित लाभ आगे भी मिलता रहे, इसके लिए शासन ने प्रशासक की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार ग्राम प्रधानों का डोगल सिस्टम शुक्रवार 25 दिसंबर की मध्यरात्रि निरस्त होने के बाद 26 दिसंबर शनिवार को एक बार फिर से जेनरेट होगा। हालांकि इस बार प्रधान नहीं, बल्कि शासन द्वारा तैनात प्रशासक को वित्तीय अधिकार प्राप्त होगा। बताया जाता है कि वित्तीय अधिकारी एडीओ पंचायत को दिए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सिर्फ आदेश ही निर्गत होना शेष है।
जिले की 922 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर शुक्रवार की मध्यरात्रि समाप्त हो जाएगा। ऐसे में उनका डोगल सिस्टम निरस्त हो जाएगा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासक की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शासन के दिशा निर्देशानुसार कदम उठाया जाएगा।
शेषदेव पाण्डेय, डीपीआरओ