विद्युत लाइन में आयी गड़बड़ी के चलते तीन विद्युत उपकेंद्रों से जुड़ी लगभग एक लाख आबादी बुधवार रात अंधेरे में डूबी रही। इसमें जिला मुख्यालय के एक तिहाई हिस्से की आबादी भी शामिल है। गुरुवार सुबह लगभग सात बजे के करीब विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकी। इससे पहले पूरी रात बिजली न आने से भीषण गर्मी से लोग त्राहि-त्राहि कर उठे।
अकबरपुर नगर से होकर जाने वाली 33/11 केवी विद्युत लाइन का तार शास्त्रीनगर मोहल्ले में बुधवार आधी रात के करीब टूटकर गिर पड़ा। नतीजतन इससे मरैला, बेलउवा व बेवाना विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति ही ठप पड़ गई। रात साढ़े 12 बजे के करीब अचानक बिजली चली जाने के बाद लोगों को लगा कि कुछ देर बाद आपूर्ति बहाल हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
समय बीतने के साथ ही उमस व गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल होने लगा। रात में उपकेंद्रों के फोन घनघनाए जाने लगे लेकिन कोई भी माकूल जानकारी देने को तैयार नहीं था। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं के फोन भी रिसीव नहीं हो रहे थे।
इस बीच मरैला उपकेंद्र से अकबरपुर नगर की कृष्णानगर कॉलोनी, दोस्तपुर रोड, पहितीपुर चौराहा, दोस्तपुर रोड, सब्जी मंडी, अब्दुल्लापुर, रामजानकी मंदिर क्षेत्र व शहजादपुर पूर्वी नाका आदि इलाकों में पूरी रात आपूर्ति नहीं हो सकी।
मरैला उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूरी रात बिजली नहीं आयी। यही हाल बेवाना व बेलउवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी ग्रामीण क्षेत्र की आबादी का रहा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर लगभग एक लाख आबादी को ऐसे में पूरी रात अंधेरे में ही गुजारना पड़ा। भोर में लोगों की नींद खुली तो भी विद्युत आपूर्ति ठप देख मुश्किलें और बढ़ गई।
शहरी क्षेत्र के कई घरों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया था। हालांकि सुबह सात बजे के करीब आपूर्ति बहाल हुई तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। अवर अभियंता प्रवेश कुमार ने बताया कि शास्त्रीनगर में विद्युत तार टूटने की वजह से आपूर्ति बाधित हुई। तीनों उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति गड़बड़ी दूर कर सुबह बहाल करा दी गई थी।