अंबेडकरनगर। जिले के लगभग सवा लाख श्रमिकों की मुश्किलें बढ़ी हुईं हैं। यहां विभागीय पोर्टल बीते कई माह से ठप पड़ा है। इससे न तो नया पंजीयन हो रहा और न ही कई तरह की जरूरी मदद मिल पा रही।
श्रमिकों को अलग-अलग प्रकार की योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर दावे तो बढ़-चढ़कर किए जाते हैं लेकिन इसे जमीनी हकीकत देने को लेकर जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि श्रम विभाग का पोर्टल पिछले छह माह से ठप पड़ा है। जिला श्रम प्रवर्तन कार्यालय के अनुसार पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। इसी के चलते समस्या खड़ी हो रही है।
मालूम हो कि जिले में एक लाख 17 हजार 446 श्रमिक जिला श्रम प्रवर्तन कार्यालय में पंजीकृत हैं। पोर्टल के ठप होने से एक तरफ जहां पंजीकृत श्रमिकों को श्रमिकों के लिए संचालित लगभग एक दर्जन योजनाओं का बेहतर ढंग से लाभ नहीं मिल पा रहा तो वहीं नए श्रमिकों का पंजीकरण भी नहीं हो रहा है। पंजीकरण कराने के लिए प्रतिदिन मजदूर श्रम प्रवर्तन कार्यालय तो पहुंचते हैं लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है।
सोमवार को श्रम प्रवर्तन कार्यालय में मिले बेवाना के राजेंद्र व जहांगीरगंज के रामरतन ने कहा कि वे बीते तीन माह से पंजीकरण कराने को लेकर चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पोर्टल बंद होने से काम नहीं हो रहा है। जिम्मेदारों द्वारा भी कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा रही। सिर्फ इतना ही कहा जाता है कि जब पोर्टल पूरी तरह से अपडेट हो जाएगा तो काम करना शुरू कर देगा।
इन योजनाओं का मिलता है लाभ
श्रम प्रवर्तन कार्यालय के अनुसार पंजीकृत श्रमिकों को मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, कन्या विवाह अनुदान योजना, शौचालय सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना, अटल आवासीय स्कूल योजना, का लाभ मिलता है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु वाले श्रमिकों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के रूप में दिया जाता है।
शुरू हुआ पंजीयन का कार्य
पोर्टल में तकनीकी समस्या को देखते हुए मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसके चलते किसी भी प्रकार का काम नहीं हो रहा था। सोमवार से वर्कर पंजीयन व कार्यस्थल पंजीयन का कार्य पोर्टल पर शुरू हो गया है। शीघ्र ही सभी कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। - राजबहादुर यादव, सहायक श्रमायुक्त