अंबेडकरनगर। जिले में पंचायत चुनाव की तैयारी के तहत मतदेय स्थलों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इस बार बूथों की संख्या 1899 से बढ़कर 2171 हो गई है। प्रशासन ने निर्देशानुसार 1200 से अधिक मतदाताओं वाले सभी मतदेय स्थलों का संभाजन कर उन्हें अलग-अलग कर दिया है। बसपा और भाजपा की ओर से कुछ केंद्रों की दूरी तथा रेलवे क्रॉसिंग से संबंधित आपत्तियां दाखिल की गई हैं, जिनके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद अंतिम सूची आयोग को भेजी जाएगी।
10 नवंबर को मतदेय स्थलों के विभाजन की अनंतिम सूची जारी की गई थी, जिस पर राजनीतिक दलों से आपत्तियां मांगी गई थीं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी अधिकारी निर्वाचन/एसडीएम राजेश कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित हुई। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी बड़े बूथों का संभाजन कर दिया गया है। कुल 2171 बूथों की सूची उपलब्ध करा दी गई है, और अब तक किसी भी दल की ओर से नई आपत्तियां नहीं मिली हैं। विस्तृत प्रस्ताव 19 से 21 नवंबर 2025 के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ को भेजा जाएगा तथा 24 नवंबर तक भारत निर्वाचन आयोग को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। बैठक में बसपा ने अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के सम्मोपुर पूर्वी के बूथ संख्या 116 से 119 की दूरी पर आपत्ति जताई, वहीं भाजपा ने भी कुछ केंद्रों से संबंधित आपत्तियां दर्ज कीं। प्रभारी अधिकारी ने सभी का निस्तारण शीघ्र करने का आश्वासन दिया।
सुविधाओं का रखा गया विशेष ध्यान
प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मतदेय स्थल तय करते समय भौतिक सत्यापन, मतदाताओं की सुविधा, दिव्यांगजन हेतु रैंप, दूरी की उपयुक्तता तथा स्थायी भवनों को प्राथमिकता दी गई है। बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी महेश चंद्र द्विवेदी, सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष त्र्यंबक तिवारी, बसपा जिलाध्यक्ष सुनील सावंत, अपना दल (एस) जिलाध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह पटेल, सांसद प्रतिनिधि अनिरुद्ध वर्मा, आप नेता संदीप चौधरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज मिश्र, कांग्रेस प्रदेश महासचिव विशाल वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बीएलओ को सही जानकारी देकर गांव भेजने की अपील
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में प्रभारी अधिकारी निर्वाचन ने राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण, नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन में दलों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में दर्ज हो सके। सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव ने कहा कि कई बीएलओ पर्याप्त प्रशिक्षित न होने के कारण लोगों को सही जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, जिससे एसआईआर प्रक्रिया में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
विधानसभा वार पहले और अब के मतदेय स्थल
विधानसभा पहले अब
कटेहरी 425 486
जलालपुर 415 483
अकबरपुर 350 395
टांडा 339 387
आलापुर 370 420