जलालपुर (अंबेडकरनगर)। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस 24 घंटे मुस्तैद है। सुरक्षा की कोई परवाह किए बगैर युवतियों व महिलाओं को अपनी प्रगति तय करने की तरफ बढ़ना चाहिए। यह विचार सीओ देवेंद्र कुमार मौर्य ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि प्रकट किए।
नगर के अमर गांधी पुस्तकालय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सीओ ने कहा कि छात्राओं को सुरक्षा की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वे बेफिक्र होकर शिक्षा ग्रहण करें। यदि उन्हें स्कूल आने-जाने के दौरान कोई परेशान करता है, तो इसके लिए विभिन्न नंबरों पर सूचना देते ही तत्काल मदद तय होगी।
सीओ ने छात्राओं से कहा कि वे शिक्षा को लेकर पूरी तरह अपना ध्यान केंद्रित रखेें। बेहतर ढंग की शिक्षा ही उन्हें काफी आगे ले जाएगी। इससे न सिर्फ उनका जीवन सुधरेगा, बल्कि परिवार के सदस्यों को भी जरूरी मदद मिलेगी। सीओ ने अपील की कि यातायात नियमों का पालन स्वयं करें और परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
पुलिस के मिशन शक्ति अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिदिन अलग-अलग थानों की महिला सिपाहियों द्वारा छात्राओं, युवतियों व महिलाओं को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। सोशल मीडिया का सदुपयोग योजनाओं का लाभ उठाने व जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए करें।
महिलाएं रच रहीं इतिहास
प्रधानाचार्य मुमताज जहां ने कहा कि अब महिलाएं तमाम क्षेत्रों में इतिहास रच रही हैं। ऐसे में छात्राओं को पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने पर ध्यान देना है। यह अत्यंत सुखद है कि अमर उजाला जैसे संस्थान इसमें युवतियों व महिलाओं की मदद कर रहे हैं। समय-समय पर चलाए जा रह जागरूकता अभियान से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसका लाभ उठाकर प्रगति तय करना है।
मिलीं तमाम जानकारियां
छात्रा महक ने कहा कि अमर उजाला सदैव से अपने सामाजिक दायित्वों को पूरी मजबूती के साथ निभाता चला आ रहा है। मैं अक्सर समाचारपत्र में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को पढ़ती रहती हूं। आज मुझे इसी प्रकार के एक कार्यक्रम पुलिस की पाठशाला में शामिल होने का मिला है। काफी जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों को न सिर्फ मैं अपने जीवन में उतारूंगी, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करूंगी।
शत-प्रतिशत साक्षर हों महिलाएं
छात्रा रुकइया ने कहा कि किसी भी अधिकार को पाने के लिए शत-प्रतिशत महिलाओं को साक्षर होना होगा। इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि बेहतर शिक्षा हासिल करें। साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यदि आधी आबादी शत-प्रतिशत साक्षर होगी, तो समाज के साथ-साथ देश का भी विकास होगा। इससे महिलाएं और मजबूत होंगी। एकेडमिक शिक्षा हासिल करने के साथ ही तकनीकी शिक्षा भी हासिल करनी होगी।
जागरूक होने की जरूरत
छात्रा कंचनलता ने कहा कि छात्राओं, युवतियों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। विषम परिस्थितियों में इन सेवाओं का पूरी मजबूती के साथ उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए जागरूक होने की जरूरत है। यह जानना अत्यंत जरूरी है कि किस समय किन सेवा का प्रयोग करना है। यह जागरूकता इस प्रकार की पुलिस पाठशाला से ही होगी। ऐसे में सभी को चाहिए कि ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें।
दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत
छात्रा स्वेच्छा ने कहा कि महिलाएं अब अबला नारी नहीं रह गई हैं। तमाम महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचकर विश्व में देश का नाम रोशन किया है। ऐसी महिलाएं हम सभी के लिए आदर्श हैं। हमें उनके बताए आदर्शों पर चलकर सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ना होगा, जिससे समाज व देश का नाम रोशन करें। इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है, जो इस प्रकार के कार्यक्रमों से मिलती है।
नई ऊर्जा का हुआ संचार
छात्रा अर्चना ने कहा कि पुलिस की पाठशाला में भागीदारी कर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। युवतियों व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जो जानकारियां मिली हैं, उसे मैंने अपने मस्तिष्क में पूरी तरह से बिठा लिया है। विषम परिस्थितियों में इनका प्रयास जरूर करूंगी। पाठशाला में भागीदारी करने से एक नई ऊर्जा मिली है। इससे इच्छाशक्ति और मजबूत हुई है। मैंने बाकायदा पूरे कार्यक्रम का वीडियो भी बनाया है, जिसे मैं अपनी सहेलियों से शेयर भी करूंगी।
सुरक्षा की मिलीं जानकारियां
छात्रा मुस्कान ने कहा कि अमर उजाला ने जो पहल की है, वह अत्यंत सराहनीय है। इससे सुरक्षा से संबंधित तमाम प्रकार की नई जानकारियां हासिल हुईं। इस प्रकार की पुलिस पाठशाला का आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए। मुझे जो जानकारी पाठशाला में मिली है, उसका समय पड़ने पर प्रयोग तो करूंगी ही, साथ ही इसकी जानकारी दूसरों को भी दूंगी।