थाना राजेसुल्तानपुर में तैनात दरोगा द्वारा एक दलित युवक की जमकर पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। घटना दो दिन पहले की है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर व पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त ने उसे लेकर बुधवार को डीएम व एसपी से मुलाकात की और ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर मेडिकल जांच कराई गई जबकि एसपी ने मामले की जांच सीओ जलालपुर को सौंप दी है। थाने की पुलिस के अनुसार युवक शराब के नशे में हंगामा कर रहा था। थाना क्षेत्र राजेसुल्तानपुर के तेंदुआईकला निवासी प्रदीप (35) के अनुसार वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है।
वह 25 जुलाई को अपने मौसा के घर शंकरपुर गया था। शाम छह बजे वह नित्यक्रिया के लिए निकलने के दौरान कम्हरिया-पदुमपुर मार्ग स्थित पुलिया पर जाकर बैठ गया। इसी बीच राजेसुल्तानपुर में तैनात दरोगा बालमुकुंद यादव वहां आए और रुककर उससे नाम पूछा।
जैसे ही उसने अपना नाम व जाति बताई, उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसकी बेंत से पिटाई शुरू कर दी। पिटाई तब तक की गई जब तक कि बेंत टूट नहीं गया। पीड़ित ने यह भी बताया कि दरोगा ने जाति का जिक्र करते हुए कहा कि इन सबका दिमाग ज्यादा खराब हो गया है।
इस बीच बुधवार को प्रदीप को लेकर बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर व पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम विवेक व एसपी अजय सिंह से मुलाकात की।
बसपा नेताओं ने प्रदीप की तरफ से तहरीर देते हुए केस दर्ज कराने तथा दरोगा के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने की मांग की। डीएम विवेक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फौरन सीएमओ को मेडिकल कराने के लिए निर्देशित किया।
सीएमओ डॉ. जीआर चंद्रा ने उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीराम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की जिसने युवक का मेडिकल परीक्षण किया। डीएम ने एसडीएम व सीओ को 24 घंटे के भीतर संयुक्त रूप से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
एसओ राजेसुल्तानपुर ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि उपनिरीक्षक द्वारा मौके पर वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान प्रदीप वहां नशे में पहुंचा और हंगामा करने लगा। मना करने पर वह और हंगामे पर उतारू हो गया। उसे शांत करने की कोशिश की गई जिसमें कुछ चोटें उसके गिरने आदि की वजह से भी आईं।