वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा डंडे से पिटाई कर एक युवक की आंख फोड़ देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो दिन पहले हुई इस घटना में युवक ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई से उसकी एक आंख से खून बहने लगा। केस दर्ज करने के लिए पीड़ित ने थाने में तहरीर भी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फेरी कर गमछे की बिक्री करने वाले युवक के अनुसार उसे अब कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा है जिसके चलते उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मामले में अभी तक केस दर्ज नहीं हो सका है। पुलिस सुलह-समझौते की कोशिश में लगी हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के सकरावल पूरब मोहल्ला निवासी गौसुलवरा (25) पुत्र इकबाल फेरी कर गमछे की बिक्री करता है। 12 जनवरी को वह गमछे की बिक्री करने के लिए बाइक से दरगाह किछौछा जा रहा था। उसका आरोप है कि रास्ते में चिंतौरा तिराहे पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसके पहुंचने पर एक पुलिसकर्मी ने उसे रुकने का इशारा किया।
युवक के अनुसार वह सड़क के किनारे बाइक खड़ी करने ही जा रहा था कि तभी एक पुलिसकर्मी ने डंडे से उस पर प्रहार कर दिया। डंडा उसकी दायीं आंख पर जा लगा। इससे उसकी आंख से खून निकलने लगा। आरोप है कि खून बहता देख चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मी उसका इलाज कराने के बजाए वहां से खिसक गए। आधा घंटे बाद कोतवाल वकील सिंह यादव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
युवक के अनुसार कोतवाल उसे नगर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए और इलाज कराकर उसे उसके घर छोड़ दिया। उसका कहना है कि वह लगातार मेडिकल परीक्षण कराने की मांग कर रहा है। उसने बताया कि रविवार को जब वह गौसुलवरा पट्टी करवाने चिकित्सक के पास गया और पट्टी खोली गई तो उसे दाहिनी आंख से कुछ भी दिखाई ही नहीं दे रहा था।
इस पर चिकित्सक ने उसे बाहर जाकर इलाज कराने की सलाह दी। इस पर युवक परिवारीजनों के साथ थाने पहुंचा और मेडिकल परीक्षण व केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस केस दर्ज करने में हीलाहवाली करते हुए सुलह-समझौते का दबाव बना रही है। मामले में अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
सीओ टांडा कोमल सिंह ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी है। जांच में सामने आया है कि युवक तेज गति से आ रहा था। उसने पुलिस की चेकिंग देख तेजी से वाहन मोड़ने का प्रयास किया। इसी में असंतुलित होकर वह गिर पड़ा जिसके चलते उसे चोट आ गई।