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पुलिस कर्मियों की पिटाई, महिलाओं ने जड़े आरोप- दबिश के नाम पर कपड़े फाड़ की अश्लीलता, तोड़फोड़ व लूट

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अंबेडकरनगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा जैतपुर पुलिस की ज्यादती का शिकार परिवार। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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जलालपुर। हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी करने मालीपुर थाना क्षेत्र में गई जैतपुर पुलिस की घेराबंदी कर ग्रामीणों ने पिटाई कर दी। मामले में लगे आरोपों के मुताबिक, ये गुस्सा पुलिस के जबरदस्त उत्पीड़न के बाद फूटा। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं से अश्लीलता की। मारपीट, तोड़फोड़ के अलावा लूट तक के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया। इसी अभद्रता व तांडव को लेकर नाराज ग्रामीणों ने जैतपुर थाना प्रभारी का स्टार व बैच तोड़ लिया। पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया गया।
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ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए जैतपुर पुलिस टीम को लौटने को मजबूर होना पड़ा। इतनी महत्वपूर्ण घटना होने के बावजूद पुलिस प्रशासन में लगभग 12 घंटे तक मामले को छिपाए रखा। बाद में पुलिसकर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग को लेकर थाना प्रभारी का स्टार आदि लेकर जब महिलाएं शनिवार दोपहर बाद एसपी आलोक प्रियदर्शी से मिलीं तब जाकर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मामला सार्वजनिक हो जाने के बाद शनिवार शाम पुलिसकर्मियों से हाथापाई व सरकारी कार्य में व्यवधान डालने आदि की धाराओं में आठ ग्रामीणों के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। हालांकि, उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिलाओं व ग्रामीणों के पक्ष में कार्रवाई को लेकर सिर्फ जांच करा लेने की बात की गई है। हालांकि, जांच से पहले ही ग्रामीणों पर केस दर्ज करने की बात अधिकारी स्पष्ट नहीं कर पाए।
बताते चलें कि बीते तीन अक्तूबर को जैतपुर थाना क्षेत्र के क्षेत्र निवासी राजगीर रमेश चौहान की जोलहापुर गांव के निकट दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रमेश के छोटे भाई चंद्रेश ने योगेंद्र चौहान सहित छह अभियुक्तों के विरुद्घ केस दर्ज कराया था। पुलिस इनमें से चार अभियुक्तों को पहले ही जेल भेज चुकी है। दो अभियुक्त फरार चल रहे हैं। इन्हीं में से एक अभियुक्त योगेंद्र की गिरफ्तारी के लिए जैतपुर पुलिस ने मालीपुर थाना क्षेत्र के घुरहूपुर गांव में शुक्रवार रात दबिश दी।
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योगेंद्र के रिश्तेदार अंगद चौहान के घर पुलिस पहुंची। उनका आरोप था कि पुलिस कर्मियों ने पहुंचते ही बाहर सो रहे परिजनों की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद घर में घुसकर सभी से अभद्रता की। इसमें महिलाओं तक को नहीं छोड़ा गया। इसी से नाराज परिवारीजनों द्वारा शोर मचा दिया गया। इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर एकजुट होने लगे। परिवार की महिलाएं अभद्रता से नाराज होकर पुलिस कर्मियों से भिड़ गईं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया। इसके बाद पुलिस कर्मी भागने लगे। अभद्रता से नाराज अंगद के परिवार की महिलाओं ने थाना प्रभारी जैतपुर राकेश गुप्ता का स्टार व बैच नोंच लिया। थाना प्रभारी सहित कई पुलिस कर्मियों की पिटाई भी कर दी गई।
इसी बीच स्थिति को विस्फोटक होने से बचाने के लिए थाना प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मी वहां से बैरंग वापस लौट आए। जिस अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने छापा डाला था, वह भी मौके पर नहीं मिला। उधर शुक्रवार रात थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की पिटाई जैसे सनसनीखेज मामले को लेकर जनपद पुलिस ने लगभग 12 घंटे तक पूरी तरह चुप्पी साधे रखा। न तो यह खबर सार्वजनिक की गई, और न तो शुक्रवार रात और न ही शनिवार दोपहर तक केस दर्ज कर गिरफ्तारी करने की सुध ली गई।
पूरे मामले में पर्दा डालने की कोशिश तब धरी की धरी रह गई, जब घुरहूपुर गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने एसपी से मिलकर ज्यादती की शिकायत की। महिलाएं अपने साथ कंधे पर लगाए जाने वाले स्टार भी लेकर आई थीं। इसे दिखाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। महिलाओं के जिला मुख्यालय पहुंचने, एसपी को प्रार्थना पत्र देने व मीडिया कर्मियों को घटना के बारे में बताए जाने के बाद पुलिस प्रशासन को मामले में केस दर्ज कराने की सुध हो सकी।
इसके बाद शनिवार शाम जैतपुर थाने के उपनिरीक्षक अवसाफ अली की तहरीर पर चंद्रधारी चौहान, अंगद चौहान, आशा व शकुंतला समेत आठ ग्रामीणों के विरुद्घ मारपीट, गाली गलौज, हाथापाई, धमकी व सरकारी कार्य में व्यवधान डालने की धाराओं में मालीपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया। सभी अभियुक्तों पर सेवन सीएलए एक्ट भी लगाया गया है। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी करने गई पुलिस टीम के साथ हाथापाई हुई है। मामले में केस दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
घुरहूपुर गांव से आई एक परिवार की महिलाओं ने एसपी से मुलाकात की। इनमें से एक महिला ने लिखित शिकायत में कहा कि जैतपुर पुलिस टीम ने उसके घर पहुंचते ही बच्चों से लेकर महिलाओं तक की पिटाई शुरू कर दी। सामान तोड़ने-फोड़ने लगे और गाली-गलौज भी की। तोड़फोड़ से मना किया तो थाना प्रभारी ने उसे पकड़ लिया और एक कमरे में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। उसके सारे कपड़े फाड़ डाले। इसी में खुद को बचाने के लिए हुई छीना झपटी में थानाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्त का बैच व स्टार कमरे में ही गिर पड़ा। शिकायत में कहा गया कि पुलिस कर्मियों ने कई जेवर भी अपने पास रख लिए। इसके बाद जब गांव के कई लोग एकत्र हो गए तो पुलिस कर्मी बंदूक की नोंक पर धमकी देते हुए फरार हो गए। ऐसे में प्रकरण की जांच कर सभी दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हत्याभियुक्त को पकड़ने के लिए दरअसल जैतपुर पुलिस अकेले ही पहुंच गई। ग्रामीणों के अनुसार, थाना प्रभारी राकेश गुप्त चार अन्य सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिसकर्मियों की कम संख्या थी। इसी के चलते खाकी के उत्पीड़न से टूट चुके लोगों का सब्र जवाब दे गया। जैतपुर पुलिस की एक चूक यह भी रही कि हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी का दबाव डालने के लिए पुलिस ने घुरहूपुर गांव में रह रही हत्याभियुक्त की बहन व अन्य परिवारीजनों को कई दिनों तक ले जाकर बैठाए रखा था। इसके बाद उन्हें किसी तरह छोड़ा गया। ग्रामीणों के अनुसार, इसमें लेनदेन भी हुआ। इसी सबसे परिवारीजन व ग्रामीण जैतपुर पुलिस के रवैए को लेकर खफा थे। इसी बीच घुरहूपुर में हत्याभियुक्त के आने की भनक लगने पर जैतपुर पुलिस टीम चंद सिपाहियों के साथ वहां पहुंच गई, जबकि उसे पर्याप्त पुलिस बल के साथ जाना चाहिए था। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि घटना को लेकर जो केस दर्ज हुआ है उसमें तो जैतपुर पुलिस के साथ ही मालीपुर पुलिस टीम के भी गांव में जाने का जिक्र है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद अब यह सब कर सिर्फ अपनी चूक छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
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