हजपुरा (अंबेडकरनगर)। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के तत्वावधान में साहिल एजुकेशनल सोसायटी लखनऊ के बैनर तले घेरवा हंसवर में मुशायरे का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि बसखारी ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सौहार्द को बल प्रदान करते हैं। जलाल सिद्दीकी ने कहा कि भारत की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखना हम सब की जिम्मेदारी है।
नासिर फराज ओडिशा ने पढ़ा कि दिलों के रिश्ते कभी तोड़कर नहीं जाना, वतन की मिट्टी से मुंह मोड़ कर नहीं जाना। डॉ. अना देहल्वी ने कहा जब कभी हुस्न की पाकीजा कहानी लिखना, श्याम के इश्क में मीरा को दिवानी लिखना। मैकश आजमी ने कहा जो दिल में हौसला पंखों में जान रखते हैं, वही परिंदे तो ऊंची उड़ान रखते हैं। खुर्शीद हैदर मुजफ्फरनगर ने कहा खुशियों के तराने में जरा देर लगेगी, रूठे हैं मनाने में जरा देर लगेगी।
जमील खैराबादी ने कहा बहुत बुलंद फिजा में तेरी पतंग सही, मगर यह सोच जरा डोर किसके हाथ में है। साबिर जलालपुरी ने पढ़ा कि वतन से प्यार की साबिर यही निशानी है, लगा है छत पे जो हिंदुस्तान का परचम। सलीम दरियापुरी ने कहा प्यार बनके छाना है आज हमको भारत में, दिल से दिल मिलाना है आज हमको भारत में। इसके अलावा जीनत मुरादाबादी, करीमुद्दीन सिद्धार्थ नगरी, कविता शाहीन, इमरान फैज नागपुरी, जमशेद फैजाबादी, मदर जलालपुरी, शगुफ्ता अंजुम लखनवी आदि ने अपने कलाम पेश कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
अध्यक्षता पूर्व एसडीएम अब्दुल बासित जबकि संचालन गैबी जौनपुरी ने किया। मुशायरे में शिक्षक मोहम्मद असलम खान, जियाउल हक, जावेद सिद्दीकी, मो. इकराम, समीउल्लाह सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।