अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के करीब डेढ़ हजार लाभार्थियों के पक्के आवास का सपना धनाभाव के चलते पूरा नही हो पा रहा है। करीब डेढ़ हजार पात्रों ने पूर्व में मिली धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र दे दिया, इसके बावजूद उन्हें अगली किस्त नहीं मिल पा रही है। इससे किसी की दीवार नहीं खड़ी हो पा रही है, तो किसी की छत नहीं बन पा रही।
कोरोना महामारी के चलते बदहाल हुई प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने पात्रों के पक्के आवास के सपने को भी तगड़ा झटका दिया। पात्र धन पाने की उम्मीद में आए दिन बैंक व संबंधित कार्यालय का चक्कर काटने के लिए विवश हैं। अधिकांश पात्रों ने पूर्व में मिली किस्त का उपभोग का प्रमाण पत्र दे दिया है, इसके बावजूद उन्हें अगली किस्त का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताते चलें कि बीते तीन माह से जिले के डेढ़ हजार शहरी लाभार्थियों के पक्का आवास का सपना अधूरा पड़ा है। धनाभाव के चलते पात्रों को आवश्यक धनराशि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि इन उपभोक्ताओं ने पूर्व में मिली धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध करा दिया है। अगली किस्त मुहैया कराने के लिए आवेदन भी कर रखा है। परन्तु धनाभाव के चलते विभाग उन्हें अग्रिम किस्त मुहैया नहीं करा पा रहा है।
गौरतलब है कि पूर्व में शहरी आवास योजना के तहत चयनित 12 हजार 161 लाभार्थियों से विभाग ने 8 हजार 520 पात्रों को 50 हजार की दर से प्रथम किस्त, 6 हजार 528 पात्रों को 1 लाख 50 हजार की दर से दूसरी किस्त, 3 हजार 600 पात्रों को 50 हजार रुपए की तीसरी किस्त मुहैया कराया था।मौजूदा समय में विभाग के पास करीब डेढ़ हजार आवेदन अग्रिम किस्त के भुगतान के लिए आ चुके हैं। लाभार्थियों ने पूर्व में मिली धनराशि खर्च कर उसका उपभोग प्रमाण पत्र भी विभाग को उपलब्ध करा दिया है।
अगली किस्त जारी करने के लिए आवेदन भी कर रखा है। गौहन्ना की शोभावती देवी ने बताया कि उन्हें तीसरी किस्त का इंतजार है। यदि यह रकम मिल जाती तो उनके घर पर छत बन जाएगी। अकबरपुर नगर के मनीराम, शिवराम, जयगोविन्द आदि को दूसरी किस्त मिलने का इंतजार बना हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या दूसरी किस्त का आवेदन करने वालों का है। प्रथम किस्त के रूप में मिली 50 हजार रुपए की धनराशि से नींव आदि डालने का काम पूरा हो गया है। यदि दूसरी किस्त का लाभ मिले तो दीवार निर्माण का कार्य शुरु हो।
कोरोना के चलते शासन से धनराशि निर्गत नहीं हुई। आवश्यक पत्राचार चल रहा है। आने वाले समय में जल्द ही धनराशि उपलब्ध होगी। इसके बाद पात्रों के खाते में भेज दिया जाएगा। पात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
आदित्य कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक नगरीय