जहांगीरगंज। स्थानीय विकास खंड क्षेत्र की करीब 40 हजार आबादी के लिए खुशखबरी है। विकास खंड क्षेत्र के जल्लापुर ग्राम पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करीब एक करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से होगा। शासन के निर्देश पर निर्माण का जिम्मा पैक्सफेड संस्था को सौंपा जा चुका है। नवंबर माह के प्रथम पखवारे में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि जहांगीरगंज विकास खंड जिले का सीमावर्ती विकास खंड है। इसके चलते इस क्षेत्र में अभी भी स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सहित कई अन्य सुविधाओं की बेहतरी नहीं हो पा रही है। इस बीच ग्रामीण क्षेत्र की करीब 40 हजार आबादी को नजदीकी स्थान पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने बीते दिनों विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जल्लापुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की है। स्थानीय लोग लंबे समय से मांग भी कर रहे थे कि उन लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए जहांगीरगंज सीएचसी तक का चक्कर लगाना पड़ता है।
ऐसे में उन्हें घर से करीब 10 से 15 किलोमीटर दूर अस्पताल जाने की विवशता बनी रहती है। विधायक अनीता कमल ने भी उनकी इस आवाज को शासन तक पहुंचाने में मदद की। उन्होंने शासन को पत्र लिखकर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया। उनके इस पत्र का संज्ञान लेते हुए सरकार ने जल्लापुर गांव में एक करोड़ 35 लाख रुपए की स्वीकृति भी प्रदान की है।
शासन के इस निर्णय से जल्लापुर, सोल्हवां, केदरुपुर, गंगासागर, नसीरपुर, हरदिहा जलाल, मूसेपुर, ऊंचेपुर, जैती, बंगालपुर सहित करीब चार दर्जन से अधिक गांव के लोग प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे करीब 40 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय सूरज तिवारी, हरिशंकर, रमेश कुमार आदि ने विधायक के इस प्रयास की सराहना की। कहा कि लंबे अर्से से ग्रामीणों की चली आ रही यह मांग अब पूरी होने वाली है। अविलंब भवन निर्माण कराकर अस्पताल का संचालन सुनिश्चित कराना चाहिए। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सेवा मिलने से काफी आसानी होगी। कई बार त्वरित उपचार न मिल पाने की वजह से लोगों की तबियत ज्यादा खराब हो जाती है।
उपचुनाव के चलते निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होने में कुछ विलंब हुआ। नवंबर माह के प्रथम पखवारे में निर्माण कार्य शुरू करने की पूरी तैयारी चल रही है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। शासन से धनराशि भी मुहैया हो चुकी है। निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य पूरा किया जाएगा।
- वीरेंद्र कुमार, अधिशाषी अभियंता, पैक्सफेड