घने कोहरे व सर्द हवा से मंगलवार को समूचा जनपद कड़ाके की ठंड से ठिठुर उठा। आलम यह था कि दोपहर तक लोगों को लाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ा। बच्चे ठंड से ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश हुए। दोपहर बाद कुछ देर के लिए ही धूप निकली। कड़ाके की ठंड से जूझ रहे लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। उधर, कोहरे ने गेहूं किसानों के चेहरे पर चमक ला दी।
उनका कहना है कि यदि इसी तरह का मौसम तीन चार-दिन और रहे तो इसका गेहूं की फसल को व्यापक लाभ मिलेगा। हालांकि आलू व सरसों की खेती करने वाले लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। सोमवार की तरह मंगलवार को भी सुबह से ही समूचा जनपद घने कोहरे की चपेट में आ गया। दोपहर तक लोगों को वाहन की लाइट जलाकर चलना पड़ा।
कड़ाके की ठंड के बीच भी स्कूल खुले रहने से छात्र-छात्राओं को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। दोपहर बाद कुछ देर के लिए ही धूप निकली। नतीजतन पूरे दिन लोग हाड़कंपाऊ ठंड से ठिठुरते रहे। लोग ठंड से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय करते दिखे। कुछ अलाव के सामने बैठकर ठंड से बचने का प्रयास करते दिखे तो कुछ चाय की चुस्की लेकर ठंड दूर कर रहे थे।
मौसम खराब होने से जिला मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग आवश्यक कार्य से बाजार पहुंचे भी, वे शीघ्र ही कार्य निपटाकर घर लौट गए। उधर, घना कोहरा छाने से गेहूं किसानों के चेहरे खिल उठे। अकबरपुर के किसान रामफेर, जगदीश व अनिरुद्ध ने कहा कि यदि इसी तरह का मौसम आगे भी रहा तो इसका गेहूं की फसल को भारी लाभ होगा।
इससे गेहूं के दाने बड़े व मोटे होंगे। हालांकि खराब मौसम ने आलू, सरसों व अरहर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। भीटी के अरहर किसान रामसजीवन ने कहा कि इससे फसल को पाला पड़ने की आशंका है। जलालपुर के आलू किसान सत्येंद्र वर्मा ने कहा कि यदि आगे भी ऐसा ही मौसम रहा तो इससे आलू की फसल के सूखने की आशंका है।