अंबेडकरनगर में पछुआ व कोहरे के चलते बढ़ी ठंड में अलाव तापते लोग।
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घने कोहरे व पछुआ से बढ़ी गलन से सोमवार को समूचा जनपद ठिठुर उठा। सुबह दस बजे तक घने कोहरे के चलते लोगों को लाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ा, वहीं पूरे दिन धूप-छांव की लुका-छिपी के बीच गलन भरी ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। अचानक बदले मौसम से गेहूं किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
उनका कहना है कि यदि इसी तरह का मौसम दो-तीन दिन और रहे तो इससे फसल को भारी लाभ मिलेगा। हालांकि तेज पछुआ हवा चलने से अन्य फसलों के लिए चिंता जरूर है। रविवार को अचानक एक बार फिर से मौसम का तेवर बदल गया। सर्द पछुआ हवा के चलते खत्म हो रही ठंड फिर से लौट आई।
हालांकि दिन में निकली धूप से लोगों को उम्मीद थी कि आगे मौसम साफ हो जाएगा लेकिन सोमवार को मौसम और भी खराब हो गया। सोमवार सुबह समूचा जनपद घने कोहरे की चपेट में आ गया। कोहरे के साथ-साथ चल रही सर्द पछुआ हवा ने गलन में और भी वृद्धि कर दी। नतीजतन हाड़कंपाऊ ठंड से समूचा जनपद ठिठुर उठा।
घने कोहरे के चलते लोग लाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर हुए तो ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। अचानक मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को हैरत में डाल रखा है। 85 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जनवरी के अंतिम दिनों में इस तरह की ठंडक एक दशक से अधिक समय बाद पड़ी है।
वृद्धा शकुंतला देवी ने कहा कि मौसम में हो रहा बदलाव समझ से परे है। ऐसा काफी समय बाद हुआ है कि जनवरी के अंतिम दिनों में इस प्रकार की ठंड पड़ी हो। उधर घने कोहरे व गलन के चलते गेहूं किसानों के चेहरे खुशी से चमक उठे।
किसान अखंड प्रताप सिंह व जगन्नाथ यादव ने कहा कि यदि इसी तरह का मौसम दो-चार दिन और रहा तो गेहूं की अच्छी फसल होगी। हालांकि यह भी चिंता जताई कि यदि तेज सर्द हवा चली तो इसका दलहनी व तिलहनी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान रमेश कुमार व अवधेश ने कहा कि गेहूं फसल के लिए यह मौसम काफी लाभदायक है। इससे गेहूं के दाने बड़े व मोटे होंगे।