नतीजा यह है कि आए दिन लोगों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। बुधवार को भी लगभग पूरे दिन जिला मुख्यालय के विभिन्न मार्गों पर रुक रुककर जाम उत्पन्न होता रहा। इसमें न सिर्फ स्कूली बच्चे फंसकर देर से विद्यालय पहुंचे, बल्कि निजी व सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी भी समय से अपने अपने कार्यालय नहीं पहुंच सके।
आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से आमजन ने इसे दूर कराने को प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा गया कि न तो सड़क के किनारे से अतिक्रमण हटाया जा रहा है और न ही बाईपास या फिर रिंगरोड के निर्माण को लेकर ही कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है।
शायद ही कोई ऐसा दिन या फिर समय हो, जबकि अकबरपुर नगर के विभिन्न मार्गों पर जाम की समस्या से लोगों को दो चार न होना पड़ता हो। आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए आमजन न सिर्फ प्रशासन, बल्कि जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इस तरफ कभी भी गंभीरता नहीं दिखाई गई।
फैजाबाद मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारु होती, तो नई सड़क पर जाम लग जाता। यदि नई सड़क पर जाम हटता, तो पुराने तहसील तिराहे पर लोगों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता। यदि यहां से लोगों को राहत मिलती, तो बस स्टेशन क्षेत्र में जाम लग जाता।
कुल मिलाकर पूरे दिन लगभग सभी मार्गों पर जाम की समस्या उत्पन्न होती रही। जाम में फंसी अकबरपुर की छात्रा अंजली व खुशी श्रीवास्तव ने कहा कि न जाने क्यों आए दिन लगने वाला जाम प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को नहीं दिखाई देता।
जाम के चलते अक्सर वे स्कूल देर से पहुंचती हैं, जिससे उन्हें स्कूल प्रशासन की डांट सुननी पड़ती है। एक निजी बैंक के कर्मचारी राहुल तिवारी ने कहा कि प्रतिदिन जाम की समस्या के चलते अब वे पहले के सापेक्ष आधा घंटा पहले घर से निकल लेते हैं।