गर्मी में जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट के साथ पेयजल संकट भी बढ़ गया है। भीषण गर्मी के बावजूद न तो खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कोई कदम उठाया जा रहा है और न ही सुचारु विद्युत आपूर्ति के लिए ओवर लोडेड चल रहे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए ही कोई पहल की जा रही है।
जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व पेयजल को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है। शहरी क्षेत्रों में लगभग 125, तो ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 625 हैंडपंप पूरी तरह ठप हैं। इनसे पानी नहीं निकल पा रहा है। लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के ही फैजाबाद मार्ग पर चुंगीनाका के निकट लगे इण्डिया मार्का हैंडपंप के दूषित पानी देने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। जिला मुख्यालय पर अब तक कहीं भी शीतल पेयजल की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
टांडा नगर पालिका परिषद ने लोगों का हलक तर करने के लिए जो वाटर कूलर लगवाए थे, उनमें से लगभग सभी ठप पड़ चुके हैं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में इण्डिया मार्का हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों को चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
भीटी, जलालपुर, रामनगर, बेवाना, केदारनगर व सूरापुर आदि क्षेत्रों में हैंडपंपों के बिगड़ने के चलते पेयजल का संकट कुछ ज्यादा है।