चिंतौरा गांव में भुखमरी व कुपोषण से पीड़ित परिवार की हालत का जायजा लेने के लिए गुरुवार को अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। वहां आवश्यक जानकारी हासिल की गई। इस बीच कई सामाजिक संगठनों ने भी गांव पहुंचकर परिवार की आवश्यक मदद सुनिश्चित की। उधर, महिला व उसके पुत्र का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
गौरतलब है कि चिंतौरा निवासी शंकर का परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उसकी पत्नी विद्या व दो वर्षीय पुत्र कुपोषण के शिकार हो गए हैं। परिवार के पास खाने को अनाज तक उपलब्ध नहीं है। घर के मुखिया शंकर की तबियत ठीक नहीं रहती जिसके चलते वह मजदूरी भी नहीं कर पाता। बीते दिन मीडियाकर्मियों की पहल पर प्रशासन सक्रिय हुआ था।
एसडीएम पंकज ने महिला व उसके बेटे को अस्पताल भिजवाकर आवश्यक मदद का भरोसा दिलाया था। इस बीच गुरुवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह, तहसीलदार राजेश सिंह व टांडा सीएचसी अधीक्षक एके श्रीवास्तव के साथ कर्मचारियों की टीम चिंतौरा पहुंची।
यहां परिवारीजनों व ग्रामीणों से आवश्यक जानकारी हासिल की गई। तहसीलदार ने यहां बताया कि प्रशासन इलाज के साथ ही भोजन व अन्य सुविधाओं का प्रबंध सुनिश्चित करेगा। उधर, सामाजिक संगठन जीवन ज्योति से जुड़े अध्यक्ष प्रदीप पालीवाल व सचिव मनोज सिंह खालसा द नेम आफ ह्यूमिनिटी के अध्यक्ष अंशू बग्गा आदि ने भी मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार की आर्थिक मदद सुनिश्चित की।
भाजपा नगर अध्यक्ष रमेश गुप्त के अलावा सामाजिक संस्था हेल्प द प्वाइंट के अध्यक्ष फखरे आलम ने भी पीड़ित परिवारीजनों से मुलाकात की और आवश्यक मदद का भरोसा दिलाया। कई अन्य लोगों ने भी परिवार की