लगभग 34 वर्ष बाद ऐसा मौका आया है, जब रोजा की समयावधि लगभग 16 घंटे की है। सवा तीन बजे सेहरी के बाद लगभग साढ़े सात बजे इफ्तार का समय है।
भीषण गर्मी के बावजूद लंबे समय तक चलने वाले रोजे को लेकर रोजा रखने वालों पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता जिले में नहीं दिख रहा है। रोजा रखने को लेकर न सिर्फ बुजुर्गों में जबरदस्त उत्साह है, वरन युवाओं व बच्चे भी बढ़ चढ़कर रोजा रख रहे हैं।
अकबरपुर नगर की कक्षा छह की छात्रा रूबीना व शाइस्ता ने बताया कि वह विगत वर्ष से रोजा रख रही है। इस बार लंबी समयावधि होने पर परिजनों ने रोजा रखने से मना किया था, लेकिन हमने जिद कर रोजा रखा। कहा कि अल्लाह अपने बंदों की प्रत्येक प्रकार से मदद करता है।
हम लोगों की भी मदद कर रहा है। भीषण गर्मी के बाद भी प्यास का एहसास अधिक नहीं हो रहा है। उधर इबादत का दौर शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में इफ्तार के बाद विशेष नमाज तराबीह में लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
इस बीच पर्व के मद्देनजर छोटी बड़ी बाजारों में रविवार को भी रौनक छायी रही। सबसे अधिक सेवई, लच्छे, खजूर व चिप्स सहित फलों की खरीददारी लोगों द्वारा की जा रही है। दरअसल भीषण गर्मी के चलते लोग मसालेदार खाद्य सामग्रियों का प्रयोग कम कर रहे हैं।