प्रचार प्रसार के अभाव एवं शिकायतों के निस्तारण को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा गंभीरता न दिखाए जाने से लोगों का थाना समाधान दिवस से मोहभंग होता जा रहा है। इसी का नतीजा है कि शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में इक्का-दुक्का शिकायतकर्ता ही थानों पर पहुंचे।
शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को लेकर आयोजित थाना समाधान दिवस महज औपचारिकता बनकर रह गया है। शिकायतों के निस्तारण में संबंधित अधिकारियों द्वारा रुचि न दिखाए जाने के चलते पीड़ितों का इससे मोहभंग होने लगा है।
नतीजा यह है कि शिकायतों को लेकर संबंधित थानों में शिकायतकर्ताओं की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उनकी शिकायत का निस्तारण समय पर नहीं होना है, तो थानों पर जाने की जरूरत ही क्या है ?
अकबरपुर थाने में एएसपी राहुलराज की अध्यक्षता में आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल आठ शिकायतें आईं, जिनमें से मात्र दो शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। इस दौरान एसओ महेंद्र कुमार मौजूद रहे।
महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम भीटी एसपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित थाना दिवस में कुल छह शिकायतें आईं, जिनमें से चार शिकायतों का निस्तारण हुआ। इस दौरान एसओ अरशद सिद्दीकी मौजूद रहे।
हंसवर प्रतिनिधि के अनुसार एसओ ध्रवसिंह की अध्यक्षता में आयोजित थाना दिवस में मात्र एक शिकायत आई, लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो सका। भीटी तहसीलदार सुदामा वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित थाना दिवस में कुल आठ शिकायतें आईं, जिनमें से चार शिकायतों का निस्तारण मौके पर हुआ। इस दौरान प्रभारी एसओ अरविंद कुमार पण्डेय मौजूद रहे।
थाना सम्मनपुर में एसओ त्रिभुवन वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित थाना दिवस में चार में तीन, मालीपुर में एसओ चंद्रभान यादव की अध्यक्षता में पांच में दो, जैतपुर थाने में एसओ राजेश यादव की अध्यक्षता में आठ में दो व जलालपुर में प्रभारी पवन सोनकर की अध्यक्षता में आयोजित थाना समाधान दिवस में नौ में मात्र एक शिकायत का निस्तारण हो सका।
जहांगीरगंज एसडीएम नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित थाना समाधान दिवस में दो शिकायतें आई, जिनका मौके पर निस्तारण हो गया। इस दौरान एसओ नीरज राय मौजूद रहे।