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Ambedkar Nagar News: श्रमिकों की कमी व काम में देरी पर फर्म पर लगेगी पेनाल्टी

Fri, 31 Oct 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान शनिवार को डीएम अनुपम शुक्ला को कई अनियमितताएं मिलीं।
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निरीक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक रवींद्र यादव मौके पर नहीं मिले। उन्होंने बाद में स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी, लेकिन जिलाधिकारी को इसकी पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। इस पर डीएम ने अनुशासनहीनता बताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
परियोजना निर्धारित समय सीमा से एक माह लंबित चल रही है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सौरभ सिंह ने बताया कि वर्तमान प्रगति को देखते हुए अभी 5–6 माह का कार्य शेष है।
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डीएम ने इसे घोर आपत्तिजनक स्थिति बताया और कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य में ढिलाई, संस्था की कमजोर पर्यवेक्षण प्रणाली और फर्म की कमजोर कार्यकुशलता को दर्शाती है। स्थल पर केवल 42 श्रमिक कार्यरत मिले, जबकि 100 श्रमिकों की तैनाती के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे।
डीएम ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि एग्रीमेंट के अनुसार पेनाल्टी प्रस्तावित करते हुए नोटिस जारी किया जाए। लेक्चर थिएटर हॉल का केवल ग्राउंड फ्लोर ही तैयार है, जबकि इसे तीन मंजिला बनना है। सेप्टिक टैंक और सोकपिट के स्थान पर इसे मेडिकल कॉलेज की मुख्य सीवेज लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए। अवशेष कार्यों के लिए विस्तृत टाइमलाइन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

तीन परियोजनाओं पर चल रही एसआईटी जांच
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, लखनऊ की ओर से निर्मित कराए जा रहे इस भवन में बीएससी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिसमें 60 वार्षिक सीटों के लिए जी+3 भवन, लेक्चर हॉल, मल्टीपरपज हॉल के साथ-साथ सिविल कार्य, आंतरिक एवं बाह्य प्लंबिंग, ओएचटी, बाउंड्रीवाल, लिफ्ट, फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, विद्युत कार्य, हार्टिकल्चर व अन्य कार्य होने हैं। इस परियोजना की कुल लागत 10.41 करोड़ है, जिसमें से अब तक केवल 4.09 करोड़ व्यय किए गए हैं और 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। राजकीय निर्माण निगम के माध्यम से कराई जा रही तीन परियोजनाएं एसआईटी जांच के घेरे में हैं, जबकि तीन परियोजनाएं एक वर्ष से अधिक लंबित हैं, जिनमें मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित परियोजना भी शामिल हैं।
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