जिला अस्पताल में दो दिनों से ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। हालत गंभीर होने पर अस्पताल कर्मी ऑक्सीजन की व्यवस्था तो करते हैं लेकिन वह बमुश्किल 10 से 15 मिनट बाद समाप्त हो जाती है। इतना ही नहीं, टांका लगाने की किट व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाला आरएल भी तीन दिनों से अस्पताल में नहीं है।
नतीजतन मरीजों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों व उनके तीमारदारों का कहना है कि तमाम शिकायत के बावजूद ऑक्सीजन की माकूल व्यवस्था नहीं की जा रही है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री शंखलाल मांझी के गृहजनपद स्थित जिला अस्पताल में ही मरीजों व उनके तीमारदारों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। न सिर्फ साफ-सफाई व्यवस्था बेपटरी होकर रह गई है बल्कि पेयजल की भी समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बाद भी मरीजों को बाहर से दवा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो दिनों से अस्पताल में ऑक्सीजन गैस की भारी किल्लत है।
इससे मरीजों के समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्याएं खड़ी हो रही हैं। गंभीर हाल मरीजों को यदि ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है तो अस्पताल कर्मी किसी तरह व्यवस्था करते हैं लेकिन 10-15 मिनट के बाद ही गैस समाप्त हो जाती है। इतना ही नहीं, तीन दिनों से टांका लगाने की किट भी समाप्त हो चुकी है।
इससे दुर्घटना या फिर मारपीट में चोट खाए मरीजों को टांका लगाने में दिक्कत हो रही है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाला आरएल भी तीन दिनों से जिला अस्पताल में समाप्त हो चुका है। अकबरपुर के तीमारदार जगदीश व कटेहरी के तीमारदार विमलेश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके मरीज को ब्लड प्रेशर की बीमारी है।
आरएल अस्पताल में है ही नहीं। नतीजतन उन्हें बाहर से लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि इसके लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। सीएमएस डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी है। जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट आटोकट है।
लंबे समय से सर्विसिंग न होने से इसमें खराबी आ गई है। इससे समस्या उत्पन्न हो रही है। इसे ठीक कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। शनिवार तक ठीक करा दिया जाएगा। इमरजेंसी में भर्ती अकबरपुर थाना अंतर्गत लोरपुर ताजन निवासिनी दुर्गावती को सांस की समस्या होने पर गुरुवार शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
उन्हें ऑक्सीजन दी गई लेकिन कुछ ही देर में समाप्त हो गई। देर रात उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई लेकिन उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। शुक्रवार सुबह उनके पुत्र अरुण कुमार ने बताया कि ऑक्सीजन के लिए अस्पताल प्रशासन से कई बार कहा गया लेकिन समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है।
बताया कि ऐसे में उनके समक्ष मरीज को रेफर कराने की मजबूरी है। उधर, अकबरपुर थाना अंतर्गत इमामबाग निवासिनी शमीम जहरा को भी सांस की समस्या होने पर गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीमारदार पुत्री रुखसाना ने बताया कि यहां ऑक्सीजन ही नहीं है। ऐसे में वे अपने मरीज को फैजाबाद ले जाने को मजबूर हैं।