अंबेडकरनगर। नए आरक्षण क्रम ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद को छोड़ कर अन्य सभी पदों के दावेदारों में हड़कंप मचा दिया है। ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी सदस्य पद के आरक्षण में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ब्लॉक प्रमुख के नौ में से छह पदों पर आरक्षण बदल गया है, जबकि 41 सीटों वाले जिला पंचायत सदस्य में आधे से ज्यादा पदों के लिए आरक्षण में फेेरबदल हुआ है। आधी से ज्यादा सीटें आरक्षित की गई है। आरक्षण में आए इस व्यापक फेरबदल के चलते सभी क्षेत्रों में दावेदारों के बीच नई सिरे से रणनीति बनती दिखी।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पंचायत चुनाव के लिए नए सिरे से आरक्षण की घोषणा हुई है। इससे पहले बीते दिनों सभी पदों के लिए अनंतिम आरक्षण सूची घोषित कर आपत्तियां ली गई थीं। उनका अंतिम प्रकाशन होने से पहले ही कोर्ट के हस्तक्षेप पर अब नई प्रक्रिया का पालन किया गया। शनिवार को अलग-अलग पदों के लिए जारी हुई आरक्षण सूची ने दावेदारों के बीच हड़कंप मचा दिया। सभी पदों पर व्यापक उलटफेर देखने को मिला है। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जो आरक्षण सूची जारी की, वह पिछड़ा वर्ग महिला के लिए इस बार भी आरक्षित रखी गई है। हालांकि अन्य पदों पर ऐसा नहीं हो सका। ब्लॉक प्रमुख में कटेहरी सीट पिछली बार भी महिला के लिए आरक्षित थी तो इस बार भी इसी श्रेणी में रखी गई है। टांडा व भियांव ब्लॉक प्रमुख का पद गत बार की तरह इस बार भी अनारक्षित श्रेणी में है।
जहांगीरगंज प्रमुख का पद पिछली बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था तो इस बार अनारक्षित कर दिया गया है। जलालपुर ब्लॉक प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था तो इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। अकबरपुर में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षण था तो इस बार अनुुसूचित जाति के लिए आरक्षण लागू हुआ है। रामनगर ब्लॉक पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, जो अब ओबीसी महिला के खाते में गया है। कटेहरी ब्लॉक प्रमुख का पद पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था, जो इस बार अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसी तरह जिला पंचायतों के 41 पदों में से लगभग आधे पदों का आरक्षण बदल दिया गया है। यही हाल क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों को लेकर भी है।