अंबेडकरनगर। अकबरपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटरिया सम्मनपुर में एक वर्ष पहले 22 लाख की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। पंचातय भवन तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं बनाया गया। इससे पंचायत भवन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। बैठक आदि के लिए लोग पंचायत भवन तक पहुंच नहीं पाते हैं। पंचायत सहायक के इस्तीफा देने के बाद जनसेवा केंद्र का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
करीब साढ़े तीन हजार की आबादी वाले कटरिया सम्मनपुर को एक वर्ष पहले पंचायत भवन की सौगात मिली। गांव के बाहर मुख्य खड़ंजा मार्ग से करीब 300 मीटर दूर खाली पड़ी भूमि पर भवन का निर्माण कराया गया। निर्माण के समय इस बात का ख्याल नहीं रखा गया कि पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है। पहले कुछ लोगों की बाग के बीच आवागमन होता था।
बाग का बंटवारा होने के बाद लोग उसकी जमीन पर खेती करने लगे। मकान भी बन गए हैं। इसके चलते अब पंचायत भवन पर पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है। पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए खेत की मेड़ से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश में खेत लबालब होने से मेड़ के रास्ते भी लोग पंचायत भवन नहीं पहुंच पाते हैं।
गांव की पंचायत सहायक रीना ने करीब तीन माह पहले निजीकरणों से इस्तीफा दे दिया। इससे बाद जनसेवा केंद्र संचालन भी नहीं हो पा रही है। गांव के सुनील कुमार, राम अवतार, अवधेश कुमार, अंगद कुमार आदि का कहना है कि ग्राम प्रधान व राजस्व टीम की अदूरदर्शिता के चलते ऐसी भूमि पर पंचायत भवन बन गया, जहां पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। ग्रामीणों ने पंचायत भवन के लिए रास्ता बनवाने की मांग की।
मांगी गई रिपोर्ट
ग्रामीणों की शिकायत गत दिनों मिली थी। इस मामले में पंचायत अधिकारी से रिपोर्ट मांग गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अवनीश श्रीवास्तव, डीपीआरओ