अंबेडकरनगर। पंजाब व बंगाल प्रांत की तरह तहसील क्षेत्र अकबरपुर के समैसा खाम निवासी किसान ने वर्ष में दो बार धान की खेती करने की अनूठी पहल शुरू की है। एक तरफ जहां सभी किसान इन दिनों गेहूं की कटाई व मड़ाई करने के साथ मेंथा की खेती करने में व्यस्त हैं तो वहीं किसान संजीत पाल पांच बीघा क्षेत्रफल में धान की रोपाई कर सुर्खियां बटोर रहे हैं।
तकनीक व नए तौर तरीके से खेती करने के शौकीन संजीत करीब दो वर्ष पहले पंजाब गए थे। वहां किसानों द्वारा वर्ष में दो बार की जा रही धान की खेती उन्हें खूब भाई। उन्होंने वहां से दो माह में होने वाले साठा प्रजाति के धान बीज की खरीद की और घर लौट आए। बीते वर्ष उन्होंने एक बीघा क्षेत्रफल में इसकी रोपाई कराई। कम समय में तैयार होने वाले इस धान की पैदावार प्रति बीघा करीब 8 क्विंटल है। कम खर्च व कम लागत में उन्होंने अच्छी बचत प्राप्त की।
इसके चलते उन्होंने इस बार पांच बीघा क्षेत्रफल में धान की रोपाई करा दी है। जून माह में फसल तैयार हो जाएगी। इसके बाद जुलाई माह में इस खेत में नए धान की फसल को लगाया जा सकेगा। संजीत ने बताया कि इसकी रोपाई के लिए उन्होंने मार्च माह के प्रथम सप्ताह में बेरन डाल दी थी। पांच अप्रैल के बाद इसकी रोपाई खेतों में करा दी गई। कहा कि सामान्य धान की तरह इसकी भी समय-समय पर सिंचाई व आवश्यकतानुसार खाद व दवा डालनी पड़ती है। इसकी बिक्री भी सामान्य धान की तरह ही होती है। क्षेत्र में शुरू हुई धान की नई खेती को लेकर किसानों में काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है। किसान संजीत से मिलकर इस नई खेती के बारे में जरूरी जानकारी जुटाने के लिए पहुंच रहे हैं।