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धान की खरीद अघोषित रूप से ठप होने पर किसानों में हाहाकार

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अंबेडकरनगर। जिले में अघोषित रूप से धान खरीद का कार्य लगभग एक पखवारे से पूरी तरह ठप है। कहीं भंडारण की सुविधा की कमीं होने का हवाला दिया जा रहा, तो कहीं कोई अन्य कारण बताया जाता। नतीजा यह है कि धान की उपज लेकर किसान संबंधित क्रय केंद्र पर पहुंचते हैं, लेकिन खरीद का कार्य न होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। खरीद का कार्य 28 फरवरी तक होना है। अब तक 6 एजेंसियों के 95 क्रय केंद्रों पर 1 लाख 32 हजार 600 एमटी के सापेक्ष 12 हजार 400 किसानों का 80900.134 एमटी की ही खरीददारी हो सकी है। ऐसे में निर्धारित समय में किसी प्रकार लक्ष्य की पूर्ति की जा सकेगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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धान की बिक्री करने के लिए बीते एक पखवारे से किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है। कारण यह कि लगभग सभी क्रय केंद्रों पर खरीद का कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। बीते 1 नवंबर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 6 एजेंसियों के 95 क्रय केंद्रों पर धान खरीद का कार्य प्रारंभ हुआ था। वैसे तो 28 फरवरी तक खरीद का कार्य चलना है, लेकिन लगभग एक पखवारा पूर्व से ही अघोषित रूप से क्रय केंद्रों पर धान खरीद का कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्धारित समयावधि में जिले को मिले लक्ष्य 1 लाख 32 हजार 600 एमटी की पूर्ति की जा सकेगी, जबकि अब तक 8 लाख 90 हजार कुंतल एमटी की खरीददारी की जा सकी है।
किसानों का आरोप है कि कहीं भण्डारण का हवाला देकर खरीद नहीं किया जा रहा, तो कहीं धनाभाव का हवाला दिया जा रहा है। अकबरपुर के किसान रामनेवल वर्मा व पंकज कुमार ने कहा कि वे बीते एक सप्ताह से धान बिक्री के लिए नवीन मंडी स्थित क्रय केंद्र पर जा रहे हैं, लेकिन मायूसी हाथ लग रही है। खरीददारी कब की जाएगी, इसका कोई समुचित जवाब नहीं दिया जा रहा है।
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ऐसे में अब मजबूर होकर आढ़तियों के हाथों उपज की बिक्री करनी पड़ रही है। भीटी के सतीश व नीरज सिंह ने कहा कि संबंधित क्रय केंद्र पर बीते लगभग दस दिन से खरीद का कार्य नहीं हो रहा है। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, लेकनि कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधि भी जता चुके हैं नाराजगी
जिले में धान की खरीद अघोषित रूप से ठप कर दिए जाने पर जनप्रतिनिधियों समेत विभिन्न राजनीतिक दल नाराजगी जता चुके हैं। इस बारे में डीएम को ज्ञापन भी दिया गया है। इसमें कहा गया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में अधिक खरीद हो जाने का खामियाजा यहां के किसान आखिर क्यों भुगतें। जिला प्रशासन से कहा गया कि खरीद पर लगी अघोषित रोक को अविलंब हटवाया जाए।
खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि धान खरीद की एमआईएस फीडिंग किए जाने का निर्देश हैं। ज्यादातर केंद्रों पर फीडिंग का कार्य सुचारु रूप से नहीं हो सका है। ऐसे में उन्हें निर्देशित किया गया है कि फीडिंग का कार्य पूर्ण करने के बाद ही खरीद का कार्य किया जाए।
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