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धान की खरीद का काम ठप

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जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर धरना देकर कहा गया कि जब तक फर्जी ढंग से दर्ज किए गए केस को वापस नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर हड़ताल के चलते एक तरफ जहां क्रय केंद्रों पर धान की खरीद पूरी तरह ठप पड़ी है, वहीं कोटेदार खाद्यान्न की उठान भी नहीं कर पा रहे हैं।
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मालूम हो कि खाद्य विभाग के छह अधिकारियों पर बीते दिनों अहिरौली थाने में एक महिला की तहरीर पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। इसके विरोध में एसोसिएशन के आह्वान पर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बीते 22 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।

बीते मंगलवार को मंडल इकाई ने भी जिला मुख्यालय पर पदमार्च कर कलक्ट्रेट के निकट जोरदार प्रदर्शन किया था। साथ ही केस वापस न करने की दशा में एक जनवरी से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी।
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इसी क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर चल रहे धरने की अध्यक्षता करते हुए खाद्य एवं विपणन अधिकारी एके झा ने कहा कि पुलिस ने मनमानेपूर्ण ढंग से बगैर छानबीन किए ही अधिकारियों पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।

एक राइसमिलर ने अपने ऊपर चल रही गबन के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया को बाधित करने के लिए ऐसा किया है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही केस वापस नहीं किया गया, तो और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान दीप तिवारी, आशुतोष, ज्ञानप्रकाश वर्मा, मनोज मिश्र, शैलेंद्र आदि मौजूद रहे।

उधर हड़ताल के चलते न सिर्फ जिले, बल्कि मण्डल में धान खरीद का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। इससे किसानों के समक्ष धान बिक्री को लेकर विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। बुधवार को भी कई किसान अपना अपना धान ट्रॉली से लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन वहां ताला बंद होने के चलते उन्हें मायूस होना पड़ा।

अकबरपुर के किसान राजेंद्र वर्मा व महेश ने कहा कि धान खरीद का कार्य सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। धान बिक्री न होने से किसानों के समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस बीच हड़ताल के चलते अभी तक कोटेदार भी खाद्यान्न की उठान नहीं कर सके हैं।
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