अंबेडकरनगर। लगभग 15 मीट्रिक टन अधिक की खरीददारी करने के साथ ही एक दिन पहले 29 फरवरी को जिले में धान खरीद खत्म हो गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 6 एजेंसियों के 95 क्रय केंद्रों द्वारा 1 लाख 32 हजार 600 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 18 हजार 612 किसानों का 1 लाख 32 हजार 614.595 एमटी की खरीद का दावा खाद्य एवं विपणन विभाग ने किया है। विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार 8 हजार से अधिक किसानों का लगभग 37 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है।
गत 1 नवंबर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 6 एजेंसियों के 95 क्रय केंद्रों पर धान खरीद का कार्य प्रारंभ हुआ था। शासन से जिले को 1 लाख 32 हजार 600 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था। शुरुआती दौर से ही धान खरीद में विभिन्न क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी की शिकायतें सामने आने लगी थीं। खरीद को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह होते होते लगभग सभी क्रय केंद्रों पर अघोषित रूप से धान खरीद का कार्य ठप हो गया था। अब जबकि 29 फरवरी को धान खरीद का कार्य औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, तो ऐसे में खाद्य एवं विपणन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से लगभग 15 एमटी अधिक धान खरीदे जाने का दावा किया है।
खाद्य एवं विपणन विभाग के लिपिक सूरज कुमार ने बताया कि 18 हजार 612 किसानों का 132614.595 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसमें खाद्य विभाग ने सहकारी समिति, नैकॉफ व ग्रीनअर्थ के कुल 42 केंद्रों के माध्यम से 12 हजार 79 किसानों का 85988.265 एमटी, पीसीएफ ने 32 केंद्रों के माध्यम से 2791 किसानों का 19975.036 एमटी, पीसीयू के 13 केंद्रों द्वारा 2383 किसानों का 16891.947 एमटी, यूपीएसएस के 4 केंद्र द्वारा 376 किसानों का 2697.377 एमटी, कर्मचारी निगम के 3 केंद्रों द्वारा 832 किसानों का 6087.050 एमटी व भारतीय खाद्य निगम के 1 केंद्र द्वारा 151 किसानों का 974.920 एमटी धान खरीद की गई।
खाद्य एवं विपणन विभाग के अनुसार धान खरीद का कार्य संपन्न होने के बाद लगभग 8 किसानों का 36 करोड़ 86 लाख 581 रुपये का बकाया है। इसमें खाद्य विभाग द्वारा 41 लाख 59 हजार, पीसीएफ द्वारा 25 करोड़ 17 लाख 53 हजार 600, पीसीयू द्वारा 7 करोड़ 79 लाख 90 हजार 500 रुपये, यूपीएसएस द्वारा 3 करोड़ 47 लाख 54 हजार 900 रुपये भुगतान किया जाना है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजित प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 15 एमटी अधिक धान खरीद के साथ ही 29 फरवरी को धान खरीद का कार्य संपन्न हो गया है। लगभग 37 करोड़ रुपये का भुगतान होना है। शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।