अंबेडकरनगर। लॉकडाउन के बीच खाद्य सामग्रियों की कालाबाजारी का दौर भी तेजी से चल रहा है। सब्जी विक्रेताओं पर अंकुश लगाने के चलते सब्जी के दामों में तो ज्यादा उछाल नही आया, लेकिन प्रशासन द्वारा किराना स्टोरों पर छापामारी कर कार्रवाई न किए जाने से किराना दुकानदार सामानों को महंगे दामों पर बेच रहे हैं। पर्याप्त उपलब्धता न होने का हवाला देकर सभी सामानों में 5 से 10 रुपए की वृद्घि कर बिक्री की जा रही है। इससे आम नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से टीम बनाकर किराना दुकानों पर छापामारी कराए जाने की मांग की है।
बताते चलें कि शासन के निर्देश पर जिले में बीते 25 मार्च से लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन की घोषणा होते ही सामानों की कालाबाजारी भी शुरु हो गई थी। सब्जी के दामों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया था। 40 से 50 रुपए में बिकने वाली हरी मिर्च को दुकानदारों ने 150 रुपए किलो तक बेचा था। परन्तु प्रशासन की सख्ती के चलते सब्जियों के दाम तो नियंत्रित हो गए, लेकिन किराना दुकानों पर छापामारी न होने से दुकानदार मनमानी करने पर अमादा हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक की बाजारों में किराना दुकानदार पर्याप्त उपलब्धता न होने का हवाला देकर सामानों को 5 से 10 रुपए मंहगे दाम पर बिक्री कर रहे हैं।
लॉकडाउन के बीच चीनी के दामों में 7 रुपए तक की वृद्घि कर दी गई है। 36 से 37 रुपए में बिकने वाली चीनी अधिकांश दुकानदार 40 से 42 रुपए में बेच रहे हैं। इसी तरह अन्य सामानों में भी मनमानी वृद्घि कर दी गई है। अकबरपुर निवासी राजेंद्र तिवारी, सौरभ दुबे व संजय वर्मा आदि ने जिला प्रशासन से ऐसे दुकानदारों के विरुद्घ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कहा कि टीम बनाकर ऐसे दुकानों पर छापामारी कराए जाने की जरूरत है। विद्युतनगर प्रतिनिधि के अनुसार किराना सामानों के साथ साथ दुकानदार गुटखे की कालाबाजारी धड़ल्ले से कर रहे हैं। जबकि प्रदेश सरकार ने गुटखे की बिक्री पर रोक लगा रखा है।
इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन दुकानदारों की इस मनमानी की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। दोगुने दामों पर गुटखे की बिक्री हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अविलंब छापामारी अभियान चलाए जाने की मांग की है। उधर एडीएम पंकज वर्मा का कहना है कि कालाबाजारी की कोई सूचना नही है। यदि कहीं ऐसी शिकायत मिली तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी।