अंबेडकरनगर/सद्दरपुर। बसखारी के रुद्रपुर भगाही के पास सोमवार की शाम कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में पलट गई। इस हादसे में कार चला रहे अमित शुक्ला व उनके तीन दोस्त घायल हो गए। घायलों को पुलिस व स्थानीय लोगों ने बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां अमित की मौत हो गई। एक साथी को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। दो अन्य को मामूली चोटें आईं हैं।
अयोध्या जिले के नाका निवासी अमित शुक्ला (40) चॉकोपाई कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे। वह अपनी कार से आलापुर के रामनगर अपने किसी दोस्त के घर कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उनके साथ डाभासेमर निवासी प्रदीप यादव (39), जलालपुर के पट्टी निवासी सुनील विश्वकर्मा व महेश नाथ भी सवार थे। शाम करीब छह बजे जब वे अकबरपुर-बसखरी मार्ग पर रुद्रपुर भगाही के पास पहुंचे थे, तभी उनकी कार के सामने एक वनरोज आ गया। वनरोज से बचने के प्रयास में कार चला रहे अमित शुक्ला ने तेजी से ब्रेक लगाया। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई और कई बार पलटने के बाद सड़क किनारे लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी।
बसखारी पुलिस व ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। चारों घायलों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने अमित शुक्ला और प्रदीप यादव की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान अमित की मौत हो गई। महेशनाथ व सुनील को मामूली चोटें ही आई थीं। रात करीब 08:30 आठ बजे मृतक अमित शुक्ला के परिजनों को दुर्घटना की जानकारी हो सकी। इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है। घायल प्रदीप का इलाज चल रहा है।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक अमित के पिता गयाप्रसाद शुक्ला बैद्यनाथ कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। छोटा बेटा आशीष शुक्ला दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करता है। भाई की मौत की खबर सुनकर वह वापस आ गए हैं। मां ऊषा शुक्ला बेटे की मौत की खबर सुनकर बदहवास हैं। पत्नी सुधा शुक्ला का भी बुरा हाल है। 11 वर्षीय बेटे ओम और 8 वर्षीय बेटे सोम के सिर से पिता का साया उठ गया है।