छायादार व फलदार पेड़ पौधों के अलावा अब लोगों का रुझान सजावटी पौधों की तरफ हो रहा है। इसके पीछे जहां शहरी क्षेत्रों में स्थानाभाव माना जा रहा है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी घरों की शोभा बढ़ाने का शौक बढ़ा है। गांव में जिनके पास अधिक भूमि नहीं है, वे घरों की छतों व गमलों में ही सजावटी पौधों को लगा रहे हैं।
सजावटी पौधों की ओर तेजी से बढ़ते आकर्षण से नर्सरी व्यवसाय से जुड़े लोगों की बल्ले-बल्ले हो रही है। पूर्व में जहां छायादार व फलदार पेड़ पौधों को लगाए जाने की होड़ लोगों में लगी रहती थी, वहीं अब इसमें कमी आ रही है। पहले लोग घरों के समक्ष छायादार या फिर फलदार पौधे लगाते थे, लेकिन अब उनका रुझान प्राकृतिक फूलों से साज सजावट की तरफ हो रहा है।
इसी का नतीजा है कि फलदार व छायादार पेड़ पौधे लगाए जाने की बजाए उनका ध्यान सजावटी फूलों वाले पौधे की तरफ अधिक हो रहा है। अकबरपुर के चंद्रिका प्रसाद तिवारी व शुभम का कहना है कि चूंकि शहरी क्षेत्रों में स्थानाभाव है, इसके कारण फलदार व छायादार पेड़ पौधे लगाने से अधिकतर लोग परहेज कर रहे हैं। जलालपुर के मोहम्मद रईस व धर्मराज सिंह का कहना है कि प्राकृतिक फूल व पौधों से घर की शोभा में चार चांद लग जाता है। यह बात कृत्रिम फूलों में नहीं होती। इसी के कारण लोगों का रुझान सजावटी पौधे लगाने की तरफ अधिक हो रहा है।
अकबरपुर फैजाबाद मार्ग पर उर्मिला नर्सरी के मालिक राजकरन कहते हैं कि बीते कुछ दिनों से सजावटी पौधों की मांग तेजी से बढ़ रही है। क्रोटेन, बसंत मालती, अमरबेल व चमेली की मांग अधिक है। ये पौधे 40 रुपये से 130 रुपये तक बिकते हैं। ड्रेसना, चाइना पाम, कोलियर, साइकस, फालकेरिया व लेमन ग्रास की भी मांग शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक है। इसमें साइकस साढ़े सात सौ रुपये में बिकता है।
जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर पार्क में नर्सरी की देखभाल करने वाले रामफेर यादव व महेंद्र कुमार ने बताया कि जब कोई विशिष्ट अतिथि आता है, तो कार्यालय की साज सजावट के लिए क्रोटेन, सतफेरा, कोलियस, साइकस, लेमन ग्रास, नवलेना, दुरंता, हालेक्स व चाइना चांदनी का प्रयोग किया जाता है।
बसखारी मार्ग स्थित किसान नर्सरी के मालिक दुष्यंत सिंह ने बताया कि सुगंधित पुष्प वाले पौधे लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। इसमें रजनीगंधा, बेला, रातरानी, गेंदा, गुलाब, मुसंडा, चाइनीज चांदनी, क्रिसमस ट्री मुख्य रूप से शामिल है। इसमें क्रिसमस ट्री ढाई से तीन सौ में बिकता है, जबकि अन्य पेड़ 25 से 100 रुपये तक में बिकते हैं।