अंबेडकरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह ने कटेहरी के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख पर वर्ष 2010 में हुए प्राणघातक हमले के मामले में बरेली जेल में बंद बर्खास्त सिपाही अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही को मंगलवार को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक केंद्रीय कारागार बरेली को आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
अहिरौली के बुढ़गौना अहिरौली निवासी पूर्व ब्लाॅक प्रमुख शेषकुमार वर्मा आठ अगस्त 2010 की सुबहबाइक से पेट्रोल पंप की ओर जा रहे थे। राइस मिल के पास बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी थी। हमले में शेषकुमार को तीन गोलियां लगी थीं। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले की जांच में पुलिस ने जमीन रंजिश को लेकर कराए गए हमले में कई आरोपियों के नाम सामने आने की बात कही थी। इसमें अनिल कुमार सिंह, विवेक वर्मा, अरुणेश वर्मा, ध्रुवसेन सिंह, संदीप सिंह, नितिन सिंह, अजय प्रताप सिंह और सोनू सिंह उर्फ अरविंद सिंह के नाम शामिल थे।
प्राणघातक हमले का मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में विचाराधीन है। महरुआ के लोकनाथपुर निवासी अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा में बरेली जेल में बंद है। कोर्ट ने मामले की अगली कार्रवाई के लिए उसे 23 जून को पेश करने का आदेश दिया है।