अंबेडकरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार की अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज और तोड़फोड़ के मामले में आठ आरोपियों को तलब करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने शिकायत को नए सिरे से विचार के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट की अदालत में भेजते हुए छह सप्ताह में कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
मामला आलापुर क्षेत्र के खतमिपुर गांव का है। गांव की आशा देवी ने वर्ष 2023 में शिकायत दाखिल कर आरोप लगाया था कि दो जून 2023 को एक प्लेटिना बाइक उनके घर के बाहर खड़ी अपाचे बाइक से टकरा गई। विरोध करने पर मिवलाल, निर्मला देवी, कुसुम, धर्मेंद्र, जितेंद्र, रवि, गुड्डनिया उर्फ मुंद्रिका और अंतिमा समेत अन्य लोगों ने गाली-गलौज की। आरोप है कि इसके बाद घर में घुसकर सामान तोड़ा व मारपीट की।
शिकायत पर मजिस्ट्रेट ने परिवादिनी और दो गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद 29 जुलाई 2024 को आठों आरोपियों को तलब करने का आदेश दिया गया। आरोपियों ने आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी।
आरोपियों की ओर से कहा गया कि इसी घटना को लेकर शिकायतकर्ता के पुत्र के खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज है। उनका दावा था कि सड़क हादसे में उनके परिवार के दो बच्चे घायल हुए थे और उसी मामले में शिकायतकर्ता के पुत्र के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल हो चुका है। वर्तमान शिकायत को उन्होंने दबाव बनाने की कार्रवाई बताया।
सत्र न्यायालय ने कहा कि किसी व्यक्ति को समन जारी करना महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। निचली अदालत के आदेश में आठों आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका स्पष्ट नहीं की गई। साथ ही आरोपों के आवश्यक तत्वों का अलग-अलग परीक्षण भी नहीं किया गया। इन कमियों के आधार पर अदालत ने समन आदेश निरस्त करते हुए शिकायत पर नए सिरे से निर्णय का निर्देश दिया।