अंबेडकरनगर। जिले के 1873 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को अब किसी भी प्रकार की समस्या से दो चार नहीं होना पड़ेगा। दरअसल ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों का शीघ्र ही कायाकल्प होगा। इस योजना के लिए डीएम की देखरेख में परिषदीय स्कूलों का डाटा तैयार किया जाएगा।
शासन ने पंचायतीराज विभाग को भेजे पत्र में कहा गया कि विद्यालयों में होने वाले कार्यों के संबंध में जल्द ही सूची शासन को उपलब्ध करा दें। कहीं चहारदीवारी, तो कहीं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण योजना के तहत किया जाएगा, तो जहां प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां विद्युतीकरण किया जाएगा। इसके अलावा भी अन्य कई प्रकार के कार्य विद्यालयों में कराया जाएगा। पूर्व में इस योजना के तहत चयनित जिले के 143 विद्यालयों में कार्य चल रहा था।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। एमडीएम के तहत जहां दोपहर का भोजन दिया जा रहा, वहीं निशुल्क ड्रेस, पुस्तक, जूता, मोजा व स्कूली बैग भी दिया जा रहा है।
इन सबके बावजूद कहीं चहारदीवारी नहीं, तो कहीं जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनके भवन जर्जर हो चुके हैं। जिले में कुल 1873 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1353 प्राथमिक, जबकि 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
विद्यालयों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बीते दिनों प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प योजना का संचालन शुरू किया था। इसके तहत प्रथम चरण में जिले के 143 विद्यालयों का चयन किया गया था। योजना के तहत चयनित विद्यालयों में समुचित व्यवस्था चुस्त दुरुस्त की जा रही थी। इस बीच गत दिवस मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन राजेंद्र कुमार तिवारी ने पंचायतीराज विभाग को भेजे पत्र में कहा कि अब ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत सभी विद्यालयों का कायाकल्प किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि योजना के तहत विद्यालय में चहारदीवारी निर्माण, भवन की मरम्मत, परिसर में इंटरलाकिंग व टाइल्स बिछाया जाना, विद्युतीकरण, पेयजल व्यवस्था, जलनिकासी समस्या दूर करना, अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, शौचालय का निर्माण, रसोईघर की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करना, के साथ ही मल्टीपल हैंडवॉश सिस्टम समेत अन्य कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
बताया कि पूर्व में जिन 143 विद्यालयों को योजना के तहत चयनित किया गया था, उनमें से ज्यादातर विद्यालयों में विकास कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बताया कि डीएम की देखरेख में होने वाले विकास कार्य के लिए शीघ्र ही परिषदीय विद्यालयों में कराए जाने वाले कार्य की सूची शासन को भेज दी जाएगी। बताया कि योजना के तहत कार्य ग्राम प्रधान 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत कार्य कराएंगे।
बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक ऑपरेशेन कायाकल्प योजना के तहत चयनित जिले के 143 विद्यालयों में कार्य चल रहा था। अब नए आदेशानुसार जिले के सभी 1873 विद्यालयों में योजना के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे। शीघ्र ही कार्य के लिए सूची तैयार कर पंचायतीराज विभाग के माध्यम से शासन को भेज दिया जाएगा।