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कोरोना जांच को लेकर सिर्फ रस्म अदायगी

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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में बगैर मॉस्क के इस तरह से पहुंच रहे मरीज। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण को लेकर जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। दावा तो प्रतिदिन औसतन एक हजार लोगों की कोरोना जांच का स्वास्थ्य विभाग कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे कहीं परे है। कोरोना की जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही निभाई जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मामलों को देखते हुए शासन ने निर्देशित किया है कि सभी ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा बहुएं संबंधित क्षेत्रों में आने वाले ऐसे यात्रियों पर नजर रखें, जो दूसरे राज्यों से आए हैं। ऐसे यात्रियों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाए। इस निर्देश का भी जिले में कहीं पालन होता नजर नहीं आ रहा है। जिले में कोरोना जांच को लेकर पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही है। विभिन्न रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों व अन्य माध्यमों से प्रतिदिन तीन हजार से अधिक बाहरी यात्री जिले में पहुंच रहे हैं, मगर जांच प्रतिदिन औसतन 500 यात्रियों की ही हो रही हैं।
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शासन ने फोकस टेस्टिंग अभियान शनिवार से चलाए जाने का निर्देश दिया है, लेकिन जिले के स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए होने वाली जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन लगभग एक हजार जांच होने का दावा तो कर रहा है, लेकिन जांच को लेकर ऐसी सक्रियता कहीं दिखती नहीं है। विभाग के अनुसार एक से 13 मार्च तक लगभग 13 हजार नागरिकों की जांच हुई है। जिनमें एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। विभाग का जांच का यह दावा हकीकत से पूरी तरह परे है। कारण यह है कि ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच का कार्य या तो चल ही नहीं रहा या फिर अत्यंत धीमी गति से चल रहा है।
स्टेशन पर नहीं हो रही थर्मल स्क्रीनिंग
लगभग एक पखवाड़ा पूर्व निर्देश जारी किए गए थे कि ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा बहुएं अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर ऐसे यात्रियों पर कड़ी निगाह रखें, जो दूसरे प्रांतों विशेषकर मुंबई, दिल्ली, तमिलनाडु, पंजाब, गुजरात से आए हों। ऐसे लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जाए। जिले में शासन के इस दिशा निर्देश की पूरी तरह धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसे लेकर रेलवे प्रशासन भी पूरी तरह लापरवाह है। ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही थर्मल स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा है। बड़ी संख्या में ट्रेन से यात्री अकबरपुर रेलवे स्टेशन, कटेहरी व मालीपुर स्टेशन पर उतरते हैं, लेकिन कहीं भी उनकी थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है।
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मास्क की अनिवार्यता को लेकर जिम्मेदार लापरवाह
जिले में कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने को लेकर भी पूरी तरह लापरवाही का माहौल है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर बगैर मास्क के ही बड़ी संख्या में लोग दिख जा रहे हैं। मास्क लगाने की अनिवार्यता को लेकर जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। मास्क की अनिवार्यता को लेकर जो अभियान चलता भी है, वह महज औपचारिकता पूरी करने के लिए ही होता है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को सैनिटाइज करने की भी सुविधा नहीं है। लंबे समय से यहां मौजूद तीन सैनिटाइज मशीन खराब पड़ी हैं।
दिशा निर्देशों का होगा पालन
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की ओर से जो भी दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं, उसका पूरी तरह पालन कराया जाएगा। दो सप्ताह पूर्व ही सभी ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं को निर्देशित किया गया है कि वे बाहर से आने वाले यात्रियों को चयनित कर उसकी जानकारी विभाग को दें।
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- डॉ. सालिकराम पासवान, प्रभारी सीएमओ
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