फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एचडीएफसी के एटीएम ही बने सहारा

Thu, 15 Dec 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
विज्ञापन
अंबेडकरनगर के फैजाबाद रोड स्थित एटीएम पर लगी उपभोक्ताओं की लम्बी लाइन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कैश संकट के चलते अब एटीएम से धन-निकासी को लेकर उपभोक्ताओं के बीच मारामारी का माहौल उत्पन्न होने लगा है। भीटी व आलापुर तहसील क्षेत्र में ज्यादातर एटीएम के शटर नोटबंदी के बाद खुल ही नहीं सके तो जलालपुर व टांडा में सिर्फ एचडीएफसी के एटीएम ही उपभोक्ताओं का साथ दे रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल जिला मुख्यालय पर भी है।
विज्ञापन


यहां एचडीएफसी के अलावा एसबीआई के इक्का-दुक्का एटीएम से ही धन-निकासी हो रही है लेकिन दोपहर होते-होते एसबीआई के एटीएम जवाब दे जाते हैं। इससे एचडीएफसी के एटीएम पर उपभोक्ताओं का दबाव बढ़ जाता है। नोटबंदी के बाद समय बीतने के साथ ही कैश संकट से जूझ रही एटीएम सेवा को लेकर उपभोक्ताओं के बीच मारामारी का माहौल उत्पन्न होने लगा है।

कारण यह कि एक तरफ जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंकों में कैश का टोटा है, वहीं नोटबंदी के बाद से ज्यादातर एटीएम के शटर कैश न होने के चलते खुल ही नहीं सके हैं। इसके चलते ज्यादातर उपभोक्ता एटीएम से धन-निकासी की उम्मीद लगाए जिला मुख्यालय पर पहुंच रहे हैं। इससे पहले से ही बेहाल चल रही एटीएम सेवा पर दबाव और भी बढ़ गया है।
विज्ञापन


गुरुवार को भी भीटी, महरुआ, कटेहरी, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, हजपुरा व पट्टी समेत अन्य कई ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम के शटर कैश न होने के चलते नहीं खुल सके। गुरुवार को टांडा व जलालपुर में मात्र एचडीएफसी के एक-एक एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी।

जिला मुख्यालय पर भी फैजाबाद रोड व पटेलनगर स्थित एचडीएफसी तथा एसबीआई मुख्य शाखा स्थित एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी। नतीजतन संबंधित एटीएम पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। इस बीच कई बार उपभोक्ताओं में नोकझोंक भी हुई। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें