दो माह का समय बीत गया, लेकिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 6 एजेंसियों के 63 केंद्रों पर 1104 किसानों का मात्र 4654.85 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका है। खरीदा गए गेहूं की मात्रा जिले को मिले 56 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष मात्र 8.31 प्रतिशत ही है।
अब जबकि गेहूं खरीद का कार्य 20 जून तक ही चलना है, ऐसे में निर्धारित समय पर गेहूं खरीद का लक्ष्य किस प्रकार पूर्ण हो सकेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
प्रतिदिन किसान अपना अपना गेहूं लेकर संबंधित क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते उन्हें मायूसी हाथ लग रही है। ऐसे में अधिकांश किसान अपना गेहूं आढ़तियों के हाथों बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गेहूं किसानों को अपना गेहूं बिक्री करने के लिए किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 एजेंसियों के कुल 63 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। साथ ही जिले को 56 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य भी दे दिया गया, जो कि विगत वर्ष यह लक्ष्य 74 हजार मीट्रिक टन था।
1 अप्रैल से खरीद प्रारंभ होने से पूर्व संबंधित अधिकारियों ने सुचारु तरीके से गेहूं खरीद को लेकर बढ़ चढ़कर दावे किए थे। यह भी कहा गया था कि यदि किसी भी केंद्र से लापरवाही की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि समय बीतने के साथ ही ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक खाद्य विभाग के 15 क्रय केंद्रों पर 12 हजार 500 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 358 किसानों का 1889.05 एमटी, पीसीएफ के 32 क्रय केंद्रों पर 22 हजार 500 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 415 किसानों का 1295 एमटी, यूपी स्टेट एग्रो के 1 क्रय केंद्र पर 2500 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 14 किसानों का 45 एमटी, यूपीएसएस के 10 क्रय केंद्रों पर 7500 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 225 किसानों का 1006.41 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम के 3 क्रय केंद्रों को 5 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 47 किसानों का 216 एमटी, एफसीआई के 2 क्रय केंद्रों को 6 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 45 किसानों का 203 एमटी गेहूं की ही अब तक खरीद हो सकी है।