विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। तहसील न्यायालयों में मुकदमों की फेहरिस्त लंबी है। यहां आने वाले फरियादियों को हर बार तारीख पर तारीख दे दी जाती है। अधिवक्ताओं की हड़ताल, न्यायिक कार्यों के बहिष्कार व अधिकारियों के न बैठने के कारण न्याय पाना कठिन हो गया है।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल समाप्त होने के बाद तहसीलदार न्यायालय व नायब तहसीलदार न्यायालयों में कार्य शुरू होना था। तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई हुई, लेकिन नायब तहसीलदार न्यायालय में सिर्फ तारीख ही मिली। टांडा तहसील के हंसवर से आए राम जानकी मंदिर हंसवर के पुजारी मनीराम दास ने बताया कि वर्ष 2011 से मुकदमा तहसीलदार कोर्ट पर चल रहा है, तारीख पर तारीख मिल रही है, लेकिन फैसला नहीं आ रहा है।
ग्राम जगुई के जयराम ने बताया कि उसके पत्नी के नाम से 2006 से नायब तहसीलदार कोर्ट पर मुकदमा चल रहा है। दर्जनों पेशियां लग चुके हैं, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो रही है। एसडीएम डॉ. शशिशेखर ने बताया कि मुकदमों को चिह्नित कराकर निस्तारित कराया जाएगा। संवाद